
Javier Milei
दुनियाभर में कई देशों में दक्षिणपंथ का उभार देखने को मिल रहा है। दक्षिणपंथ के उभार के इस दौर में अर्जेंटीना में धुर दक्षिणपंथी नेता जेवियर मिलेई को भी फायदा मिला और जेवियर को कुछ दिन पहले ही देश का राष्ट्रपति चुना गया। करीब 140% से ज़्यादा महंगाई दर से जूझ रहे अर्जेंटीना में 53 वर्षीय जेवियर के क्रांतिकारी एजेंडा और स्टाइल को भरपूर समर्थन मिला। उन्हें करीब 56% वोट मिले और उनके विरोधी वामपंथी मौजूदा वित्त मंत्री सर्जिया मासा को 44% वोट ही मिले। 1983 में लोकतंत्र की वापसी के बाद से राष्ट्रपति पद की दौड़ में अर्जेंटीना में यह जीत का सबसे बड़ा अंतर रहा। मिलेई 10 दिसंबर को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और 4 साल तक अर्जेंटीना के राष्ट्रपति पद पर रहेंगे। सरकारी खर्च में कटौती के वादे को लेकर मिलेई चुनाव प्रचार के दौरान हाथ में आरी लेकर चलते थे। जीत के बाद उन्होंने कहा कि पतन का मॉडल समाप्त हो गया है। अब पीछे मुड़कर नहीं देखा जा सकता।
चौंकाने वाले हैं मिलेई के चुनावी वादे
मिलेई के चुनावी वादे चौंकाने वाले हैं। उन्होंने सरकारी खर्च में कटौती के लिए नौकरशाही का अमला कम करने का वादा किया है। वह शिक्षा, संस्कृति और महिला मामलात मंत्रालय बंद करना चाहते हैं। उनके चुनावी वादों में गन कानून को लचीला बनाना और मानव अंग व्यापार की छूट भी शामिल हैं। प्रचार के दौरान मिलेई ने नदियों के निजीकरण के साथ ही अमेरिकी डॉलर को अपनी मुद्रा बनाने की भी वकालत की।
विवादित बयान
चुनावी प्रचार के दौरान मिलेई ने पोप फ्रांसिस और फुटबॉलर्स पर भी विवादित बयान दिए थे।
अर्जेंटीना को बनाना चाहते हैं गौरवशाली
अर्जेंटीना इस समय गरीबी की समस्या से बुरी तरह से जूझ रहा है। मिलेई अपने देश को गरीबी से बाहर निकालकर उसे गौरवशाली बनाना चाहते हैं।
अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति खुद को बोलते हैं 'द लॉयन', लोग कहते हैं 'मैड मैन'
अपनी अजीबोगरीब वेषभूषा और बयानों के कारण चर्चा में रहे मिलेई देश में कई नामों से पुकारे जाते हैं। मिलेई खुद को अराजक पूंजीवादी कहने के साथ ही खुद को 'द लॉयन' भी कहते हैं और कहलवाना पसंद भी करते हैं। स्थानीय मीडिया उन्हें पूंजीवादी सोच के कारण अर्जेंटीना का डॉनल्ड ट्रंप कहता है तो लोग उन्हें किशोरावस्था से ही 'एल लोको' (मैड मैन) भी कहने लगे थे जो अभी भी जारी है। उनके उग्र स्वभाव और रॉकस्टार की तरह बिना बनाए बालों की वजह से उन्हें 'द विग' भी कहा जाता है। मिलेई ने खुद कहा था कि 13 साल की उम्र से ही उन्होंने बालों में कंघी करना बंद कर दिया था। खाली समय में वह बैंड परफॉर्मेंस भी देते हैं।
अर्थशास्त्र से आए राजनीति में
फुटबॉल के शौकीन मिलेई कम उम्र में ही अर्थशास्त्र में रुचि लेने लगे और बड़े होकर इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर बन गए। विश्वविद्यालयों के अलावा उन्होंने कॉरपोरेशन अमरीका में चीफ इकॉनोमिस्ट के रूप में काम किया। बाद में वह राजनीति में आ गए।
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Published on:
22 Nov 2023 10:36 am
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