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Middle East Conflict: पश्चिमी एशिया विवाद में पाकिस्तान की उड़ी खिल्ली, भारत में ईरानी दूत ने कही बड़ी बात

Mediation: ईरान ने अमेरिका के साथ जारी संघर्ष में पाकिस्तान की Mediation की खबरों को पूरी तरह से झूठा बताया है। ईरान के प्रतिनिधि ने पटना में स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का नाम केवल तेल की कीमतों को प्रभावित करने के लिए उछाला जा रहा है।
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भारत

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MI Zahir

•

Apr 05, 2026

Middle East Conflict

ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही । (फोटो: ANI )

Geopolitics : दुनिया भर राजनीति में इस समय पश्चिमी एशिया का संघर्ष सबसे संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। इसी बीच भारत में मौजूद ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस खूनी संघर्ष को रुकवाने में पाकिस्तान की कोई भूमिका नहीं है। पाकिस्तान की ओर से शांति वार्ता या मध्यस्थता कराने के जो भी दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे हैं।

पर्दे के पीछे से पाकिस्तान के जरिए बातचीत की जो अफवाहें उड़ाई जा रही हैं

ईरानी प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही रविवार को बिहार की राजधानी पटना में मौजूद थे। वे यहां ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में आयोजित एक शोक सभा में भाग लेने आए थे। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे से पाकिस्तान के जरिए बातचीत की जो अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, उनका एकमात्र उद्देश्य वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित करना है। इसमें कोई सच्ची कूटनीतिक कोशिश शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ देश केवल दिखावे के लिए वार्ता की बात कर रहे हैं, जबकि असल में वे शांति के लिए तनिक भी गंभीर नहीं हैं।

उन्होंने बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी

जब इलाही से इस युद्ध को खत्म करने में भारत की संभावित भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। ईरानी दूत ने कहा कि भारत सहित दुनिया के सभी देश इस संकट को सुलझाने और युद्ध को रोकने में एक बहुत अच्छी और अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत लगातार कूटनीति और संवाद के जरिये शांति बहाली की वकालत कर रहा है।

अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है

पश्चिमी एशिया में जारी इस तबाही के लिए ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। इलाही ने कहा कि 28 फरवरी को इन देशों ने बिना किसी उकसावे के ईरान पर सैन्य हमले शुरू कर दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों में आम नागरिकों, अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी इलाकों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। ईरान कभी भी युद्ध नहीं चाहता था, बल्कि यह अन्यायपूर्ण युद्ध उस पर थोपा गया है। अब युद्ध कब खत्म होगा, यह पूरी तरह से हमलावरों यानी अमेरिका और इजरायल के रुख पर निर्भर करता है।

पश्चिमी एशिया में यह भयंकर आग भड़की

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद ही पश्चिमी एशिया में यह भयंकर आग भड़की है। इन हमलों में ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की जान चली गई थी। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर कड़ा पलटवार किया है। इस भीषण टकराव से न केवल समुद्री व्यापार मार्ग बाधित हुए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

ईरान का यह बयान पाकिस्तान के लिए एक बड़ा कूटनीतिक तमाचा

अंतरराष्ट्रीय मामलों के रक्षा विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का यह बयान पाकिस्तान के लिए एक बड़ा कूटनीतिक तमाचा है। पाकिस्तान खुद को वैश्विक मंच पर एक अहम खिलाड़ी साबित करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि उसकी नजर में पाकिस्तान कोई भरोसेमंद मध्यस्थ नहीं है। वहीं, भारत के लिए ईरानी दूत का नरम रुख यह दर्शाता है कि संकट की इस घड़ी में दुनिया की बड़ी शक्तियां शांति बहाली के लिए नई दिल्ली की मजबूत और तटस्थ विदेश नीति की ओर उम्मीद से देख रही हैं।

और तेज हो सकती है वैश्विक तेल बाजार में हलचल

इस बयान के बाद अब वैश्विक तेल बाजार (क्रूड ऑयल) में हलचल और तेज हो सकती है। चूंकि ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी कोई वास्तविक बातचीत या सीजफायर नहीं हो रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। इसके अलावा, भारत सरकार अब कूटनीतिक स्तर पर मध्य पूर्व में शांति के लिए क्या नए कदम उठाती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के भीतर भारी जनाक्रोश

इस खबर का एक बड़ा पहलू 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए संयुक्त हमले हैं। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के भीतर भारी जनाक्रोश है। इस एक घटना ने पूरे पश्चिमी एशिया के भू-राजनीतिक समीकरण हमेशा के लिए बदल दिए हैं। जहां एक तरफ ईरान प्रतिशोध की आग में खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं इसका विनाशकारी प्रभाव वैश्विक सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्टेशन और दुनिया भर की महंगाई पर पड़ने लगा है। ( इनपुट: ANI)


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