
एयरलाइंस ने2500 यात्री विमानों को कार्गो की भूमिका में तैयार किया है
कोरोना संक्रमण से जूझ रही दुनिया में वैक्सीन की सकारात्मक खबरें आने के बाद अब इसके वितरण की चुनौती है। इसमें सबसे अहम भूमिका दुनिया की प्रमुख एयरलाइन्स कंपनियों की रहेगी। दुनिया के सबसे बडे कार्गों वाहक लुफ्थांसा ने फे्रंकफर्ट एयरपोर्ट के किनारे शीत गोदामों से लाखों खुराक आपूर्ति की तैयारी कर रहा है। विमानन कंपनी ने 20 सदस्यीय टास्क फोर्स के साथ अप्रेल से ही इस योजना पर काम करना शुरू कर दिया था। कंपनी के बोइंग 777 और एमडी-11 मालवाहक विमानों पर महत्वपूर्ण पेलोड फिट किया जा रहा है। साथ ही 25 फीसदी क्षमता के साथ उड़ रहे विमानों के खाली स्पेस का भी उपयोग करने पर विचार कर रही है।
ये काम उस स्थिति में और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, जबकि कोरोना के कारण बड़ी संख्या में नौकरियां जाने के बाद विमानों की उड़ानों पर फर्क पड़ा और इस वर्ष दुनिया में 61 फीसदी तक हवाई यातायात कम हो गया। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आइएटीए) के सीईओ एलेक्जेंडर जूनियाक का कहना है कि वैक्सीन वितरण अब तक का सबसे जटिल अभियान होगा, लेकिन इसकी कामयाबी पर हमें खरा उतरना होगा, क्योंकि दुनिया का हम पर भरोसा है।
अंटार्कटिका से भी कम तापमान जरूरी
फाइजर वैक्सीन ने चुनौती को और कठिन बना दिया। जिसकी वैक्सीन को सर्दी में अंटार्कटिका के तापमान से भी अधिक ठंड में रखना होगा। कंपनी माइनस 70 डिग्री तापमान पर वैक्सीन को ले जाने और उसके तापमान को बराबर टै्रक करने के लिए जीपीएस से जुड़ा थर्मल सेंसर तैयार करने की योजना बना रही है। इस चुनौती के साथ यूनाइटेड एयरलान्स, डेल्टा एयरलाइन्स, अमरीकन एयरनालाइन्स और अमीरात एयरलाइन्स फाइजर के टीके पहुंचाने के लिए तैयार हैं।
यूनिसेफ भिजवाएगा 170 देशों में टीके
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनिसेफ ने पिछले माह 170 से अधिक देशों को वैक्सीन वितरित करने के लिए विभिन्न एयरलाइन्स से समझौता किया है, इनमें 92 गरीब देश हैं। एजेंसी यह भी जानती है सप्लाई के लिए केवल विमानों की आवश्यकता नहीं है। इसे दूर दराज के गांवों तक पहुंचाने के लिए कार, बस, ट्रक, बाइक, साइकिल और कुछ जगह पैदल तक पहुंचाना पड़ सकता है। ऐसे में सभी कंपनियों के टीकों को तय तापमान पर रखना चुनौतीपूर्ण होगा।
ट्रकों को कोल्ड चेन से जोड़ा जा रहा है
दो हजार माल वाहक विमान रनिंग में हैं, जो हवा में आधा सामान ढोते हैं। कोरोना के चलते इस वर्ष एयर कार्गो की संख्या बेहद कम हो गई। एयरलाइंस ने लगभग 2500 यात्री विमानों को कार्गो की भूमिका में तैयार किया है। यदि ये निश्चित अंतराल में उड़ान भरेंगे तो काम आसान हो जाएगा। सप्लाई के लिए फेडएक्स कॉर्प ने फ्रीजर और रेफ्रिजरेटर को पहले ही कोल्ड चेन से जोड़ दिया है। साथ ही हवा और सडक़ यातायात भी निर्बाध रहेगा।
Updated on:
08 Dec 2020 12:09 am
Published on:
08 Dec 2020 12:04 am
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