Bangladesh F-7 jet crash: बांग्लादेश में चीन निर्मित F-7BGI लड़ाकू विमान एक स्कूल की इमारत से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर "No China" ट्रेंड कर रहा है और चीनी विमानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
Bangladesh F-7 jet crash: बांग्लादेश एयरफोर्स के चीन निर्मित F‑7 BGI ट्रेनिंग जेट (Bangladesh F-7 jet crash) सोमवार को ढाका के उत्तरा इलाके में स्कूल की इमारत पर जो विमान गिरा है, उसे लेकर सोशल मीडिया पर घमासान मचा हुआ है। अधिकतर यूजर चीन को बुरा भला कह रहे हैं। इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर “NO China” ट्रेंड करने लगा। विशेषज्ञों के अनुसार, F-7BGI (China made jet crash) की डिजाइन और तकनीक पुराने MiG-21 पर आधारित है, जिसे अब आधुनिक युद्ध रणनीति के लिए अप्रासंगिक माना जा रहा है। BAF के कुछ रिटायर्ड अधिकारियों का कहना है कि "कम लागत के कारण ही F-7 को लंबे समय तक बनाए रखा गया, लेकिन अब यह 'सुरक्षा खतरे' में बदल चुका है।" ध्यान रहे कि इस हादसे में पायलट समेत 19 जनों की मौत हुई है और 164 जने जख्मी हुए हैं। यह जेट सीधे ढाका के माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज की इमारत से टकराया।
कई यूज़र्स ने लिखा:“मेड फ़ॉर चाइना = मेड फ़ॉर क्रैश!”लोग चीनी निर्मित F‑7 विमानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस हादसे को लेकर जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है। ट्विटर (अब X) पर #NoChina और #MadeForCrash जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि "चीनी विमान सिर्फ संख्या में ज़्यादा हैं, गुणवत्ता में नहीं", वहीं कुछ ने बांग्लादेश वायु सेना से इन विमानों को चरणबद्ध रूप से हटाने की मांग की है।
BAF में शामिल चीनी F‑7 विमानों का अब तक 50 से अधिक बार दुर्घटनाग्रस्त होने का दावा किया जा रहा है।
| वर्ष | दुर्घटना का विवरण | स्थान/परिस्थिति |
|---|---|---|
| 2008 | F‑7 क्रैश, पायलट पैराशूट विफल | घटाइल |
| 2015 | F‑7MB खो गया, खोया संपर्क | पेटेंगा में दुर्घटना |
| 2018 | F‑7BG ट्रेनिंग मिशन में क्रैश | मड्डुपुर |
| 2025 | F‑7BGI स्कूल बिल्डिंग से टकराया | उत्तरा, ढाका |
नोट: इन 4 घटनाओं के अलावा अन्य दर्ज F‑7 हादसों को मिलाकर कुल संख्या 50+ बताई जाती है
बांग्लादेश वायु सेना (BAF) के पास मौजूद F-7BGI फाइटर जेट चीन द्वारा निर्मित है। यह विमान दरअसल चीन के चेंगदू J-7 का उन्नत संस्करण है, जिसकी डिजाइन सोवियत यूनियन के MiG-21 से प्रेरित है।
BAF ने यह विमान 2011 से 2013 के बीच अपने बेड़े में शामिल किया। इसे थंडरकैट स्क्वाड्रन में तैनात किया गया और इसे मल्टी-रोल फाइटर यानी एक से अधिक भूमिकाओं वाला विमान कहा जाता है।
F-7BGI का इस्तेमाल:
हवाई सुरक्षा (Air Defence)।
ज़मीनी हमलों (Ground Attack)।
समुद्री क्षेत्रों में टारगेट पर हमला (Naval Strike)।
जैसे ऑपरेशन में किया जाता है।
कॉम्बैट रेंज: 600 से 650 किलोमीटर।
फेरी रेंज (लंबी दूरी उड़ान): 2,230 किलोमीटर।
अधिकतम उड़ान ऊंचाई: 17,800 मीटर।
चढ़ने की रफ्तार: 155 मीटर प्रति सेकंड।
F-7BGI में दो ऑटोमेटिक तोपें हैं और 7 हार्डप्वाइंट (हथियार लगाने की जगह) होते हैं। इन पर कुल 3,000 किलोग्राम तक के हथियार लगाए जा सकते हैं। यह विमान निम्नलिखित हथियारों से लैस किया जा सकता है:
लेजर गाइडेड बम।
C-704 एंटी-शिप मिसाइल।
हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश।
बांग्लादेश रक्षा मंत्रालय ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन यह भी देखा जाएगा कि विमान के रखरखाव में कोई चूक तो नहीं हुई। BAF की एक विशेष जांच समिति अगले 48 घंटों में प्राथमिक रिपोर्ट सौंपेगी।