
Maxime Prévot (Photo - ANI)
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच चल रही जंग से गाज़ा (Gaza) में हाहाकार मचा हुआ है। हर दिन कई फिलिस्तीनी इस जंग में अपनी जान गंवा रहे हैं। अब इज़रायली सेना ने गाज़ा सिटी पर कब्ज़े की तैयारी भी शुरू कर दी है। ऐसे में अपनी जान बचाने के लिए बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी गाज़ा सिटी छोड़ रहे हैं। मध्यस्थों की कोशिशों और कई देशों की अपील के बावजूद भी अब तक दोनों देशों के बीच सीज़फायर प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई है। हमास ने तो इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है, लेकिन अब तक इज़रायल की तरफ से इसे ग्रीन सिग्नल नहीं दिया है। इसी बीच अब एक और देश ने फिलिस्तीन को मान्यता देने का फैसला लिया है।
इस महीने अमेरिका के न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में बेल्जियम भी फिलिस्तीन को मान्यता देगा। बेल्जियम के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रिवोट (Maxime Prévot) ने इस बारे में जानकारी दी।
प्रिवोट ने बताया कि फिलिस्तीन को मान्यता देने के साथ ही बेल्जियम, इज़रायल पर 12 तरह के प्रतिबंध भी लगाएगा। ये प्रतिबंध काफी सख्त होंगे।
इस महीने 9 सितंबर से 29 सितंबर तक चलने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में हाई लेवल डिबेट 23-27 सितंबर तक चलेगी। इस दौरान कई देश, फिलिस्तीन को मान्यता देंगे। बेल्जियम से पहले अब तक फ़्रांस, कनाडा, यूके, माल्टा और ऑस्ट्रेलिया ऐसा करने का ऐलान कर चुके हैं।
फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले देशों में भारत का नाम भी शामिल है। भारत ने 18 नवंबर 1988 को फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। उस समय राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे।
Updated on:
02 Sept 2025 12:33 pm
Published on:
02 Sept 2025 12:17 pm
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