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सप्लाई चेन में मजदूरों का शोषण पड़ा भारी, कनाडा के नए नियमों से कंपनियों की बढ़ेगी जवाबदेही

Canada Import Regulations: कनाडा जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर सख्ती की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावों के तहत आयातकों से सबूत मांगे जा सकते हैं और कंपनियों की सप्लाई चेन की जांच बढ़ सकती है।
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भारत

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Anurag Animesh

•

Oct 10, 2026

Canada news

Canada Import Regulations(फोटो-IANS)

Canada Forced Labour Imports: कनाडा जबरन मजदूरी के जरिए बनाए गए सामान के आयात पर नियंत्रण और सख्त करने की तैयारी कर रहा है। सरकार के प्रस्तावों के तहत संदिग्ध उत्पादों के आयातकों से यह साबित करने के लिए दस्तावेज मांगे जा सकते हैं कि उनके सामान के उत्पादन में जबरन मजदूरी का इस्तेमाल नहीं हुआ है। नियमों का पालन नहीं करने पर ऐसे उत्पादों को कनाडा में प्रवेश से रोका जा सकता है। कनाडा सरकार ने इस संबंध में दो परामर्श रिपोर्ट जारी कीं। इनका उद्देश्य मौजूदा आयात प्रतिबंध को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाने के उपायों पर विचार करना है। विदेश मंत्री अनीता आनंद और रोजगार एवं परिवार मंत्री पैटी हाजडू ने कहा कि परामर्श के दौरान मिले सुझाव आगे के कानून और नियम बनाने में मदद करेंगे।

संदिग्ध सामान और उसके उत्पादकों की सूची बन सकती है

कनाडा की संसद में जून में पेश किए गए बिल C-35 के तहत सरकार को ऐसे सामान की सार्वजनिक सूची बनाने का अधिकार मिल सकता है, जिनके जबरन मजदूरी से तैयार होने का संदेह हो। इस सूची में संबंधित उत्पादों, उनके निर्माताओं और उन देशों या क्षेत्रों की जानकारी शामिल की जा सकती है, जहां उनका उत्पादन हुआ है। अगर किसी उत्पाद को इस सूची में शामिल किया जाता है, तो उसके आयातक से यह साबित करने के लिए जानकारी मांगी जा सकती है कि सामान का संबंध जबरन मजदूरी से नहीं है। जरूरी जानकारी नहीं देने पर उस उत्पाद के आयात पर रोक लग सकती है। प्रस्तावों में सरकारी विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने और नियमों का पालन नहीं करने वाले आयातकों के खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई के प्रावधान भी शामिल हैं।

कंपनियों की सप्लाई चेन पर बढ़ेगी निगरानी

कनाडा सरकार एक अलग प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए अपने संचालन और सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी के जोखिमों की पहचान करना, उन्हें रोकना और उनका समाधान करना जरूरी बनाया जा सकता है। एक प्रस्ताव के तहत श्रम शोषण के पीड़ितों को उन कंपनियों के खिलाफ कनाडा की अदालतों में हर्जाने का दावा करने का अधिकार देने पर भी विचार किया गया है, जिन्होंने उचित जांच-पड़ताल नहीं की हो। यह अभी प्रस्ताव है, लागू हो चुका कानून नहीं। रोजगार एवं परिवार मंत्री पैटी हाजडू ने कहा कि किसी को भी श्रमिकों के शोषण से लाभ नहीं कमाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कनाडा अपने व्यापारिक संबंधों और सप्लाई चेन को मजबूत करते हुए मानवाधिकारों को प्राथमिकता देना चाहता है।

कारोबारियों ने पारदर्शी नियमों की मांग की

सरकार की परामर्श रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित पक्षों ने नियमों को सख्ती से लागू करने का समर्थन किया, लेकिन साथ ही पारदर्शी और स्पष्ट व्यवस्था की जरूरत भी बताई। कारोबार से जुड़े पक्षों ने कहा कि कंपनियों को आरोपों का जवाब देने और सरकारी फैसलों को चुनौती देने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कनाडा के नियमों को अन्य प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के नियमों के अनुरूप बनाया जाए, ताकि अलग-अलग बाजारों में कारोबार करने वाली कंपनियों को विरोधाभासी शर्तों का सामना न करना पड़े।

विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि कनाडा चाहता है कि उसकी व्यापारिक सप्लाई चेन निष्पक्षता, जवाबदेही और मानवीय गरिमा जैसे मूल्यों के अनुरूप हो। उनके मुताबिक, परामर्श के दौरान मिले सुझाव जबरन मजदूरी से बने सामान को कनाडाई बाजार में आने से रोकने के लिए आगे की कार्रवाई तय करने में मदद करेंगे।

जुलाई 2020 से लागू है आयात प्रतिबंध

कनाडा में जुलाई 2020 से ही ऐसे सामान के आयात पर प्रतिबंध है, जिनका पूरा या कुछ हिस्सा जबरन मजदूरी के जरिए तैयार किया गया हो। यह प्रतिबंध कस्टम्स टैरिफ कानून के तहत लागू किया गया था और कनाडा-अमेरिका-मेक्सिको समझौते (CUSMA) के तहत की गई प्रतिबद्धताओं से भी जुड़ा है।