
Canada Country
Angus Reid Institute survey: दुनिया में एक देश ऐसा भी है जो भारतीयों ( Indians) को पसंद नहीं करता, फिर भी भारतीयों का उस देश में जाने का सपना बना हुआ है। यह देश है कनाडा, जहां भारतीयों को लेकर कुछ नकारात्मक दृष्टिकोण है, लेकिन इसके बावजूद बहुत सारे भारतीय कनाडा में बसने की चाह रखते हैं। कनाडा (Canada) के कई लोग भारतीयों को नापसंद करते हैं। कनाडा में हुए एंगस रीड इंस्टीट्यूट के सर्वे में 60 प्रतिशत लोगों ने भारत के खिलाफ नाखुशी जताई है। इधर अब भी बड़ी संख्या में भारतीय कनाडा जाना चाहते हैं। ध्यान रहे कि खालिस्तानियों को लेकर भारत का कनाडा से विवाद चल रहा है। एंगस रीड इंस्टीट्यूट के सर्वे ( Survey) के अनुसार कनाडा में भारत को पसंद करने वाले लोग घट गए हैं और केवल 26 प्रतिशत लोगों का भारत की तरफ पॉजिटिव नजरिया है, जबकि 39 फीसद लोगों का विचार था कि ट्रुडो के पद पर रहते हुए ये रिश्ते नहीं सुधरेंगे, अब बदले हुए हालात में कनाडा में ट्रुडो की जगह मार्क कार्नी (Mark Carney के पद संभालने से भारत और कनाडा के बीच रिश्ते सुधरने की उम्मीद बंधी है।
कनाडा के लोगों का भारत के प्रति नापसंदगी का एक बड़ा कारण हाल ही में हुए एंगस रीड इंस्टीट्यूट के सर्वे में सामने आया। सर्वे के अनुसार, कनाडा के 60 प्रतिशत लोग भारत के प्रति नाखुशी जता चुके हैं। इस बीच, कनाडा में भारतीयों के प्रति नकारात्मक सोच को लेकर खालिस्तानियों के मुद्दे पर भारत और कनाडा के बीच विवाद भी चल रहा है।
एंगस रीड इंस्टीट्यूट के सर्वे के मुताबिक, कनाडा में भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वालों की संख्या घट कर केवल 26 प्रतिशत रह गई है। वहीं 39 प्रतिशत कनाडाई यह मानते हैं कि जब तक जस्टिन ट्रूडो प्रधानमंत्री हैं, तब तक भारत और कनाडा के रिश्ते नहीं सुधर सकते। अब, मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के रिश्तों में सुधार हो सकता है।
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में लगातार तनाव बढ़ा है। कनाडा में 2020 में भारत को पसंद करने वालों की संख्या 56 प्रतिशत थी, जो अब घटकर आधी रह गई है। एंगस रीड इंस्टीट्यूट (ARI) और एशिया पैसिफिक फाउंडेशन ऑफ कनाडा के सर्वे में यह भी पता चला कि कनाडा में अभी भी भारत को रूस और चीन के मुकाबले ज्यादा सकारात्मक नजरिये से देखा जाता है, हालांकि भारत पर भरोसा सिर्फ 28 प्रतिशत ही है। एंगस रीड इंस्टीट्यूट की स्थापना 2014 में डॉ. एंगस रीड ने की थी, और यह संस्था कनाडा और उससे जुड़े सामाजिक, वित्तीय, गवर्नेंस, चैरिटी, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और घरेलू-विदेशी नीति जैसे मुद्दों पर कनाडाई लोगों की राय जानने के लिए काम करती है।
Updated on:
10 Mar 2025 01:53 pm
Published on:
10 Mar 2025 01:21 pm
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