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China Pakistan Relations: चीन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वह मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष 'ऑपरेशन सिन्दूर' के दौरान पाकिस्तान को सीधी तकनीकी सहायता प्रदान की थी।साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट और चीन के सरकारी चैनल एवीआईसी के दिए गए साक्षात्कार में दिए गए इंटरव्यू में यह बात सामने आई है। चीन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष 'ऑपरेशन सिन्दूर' के दौरान पाकिस्तान को सीधी तकनीकी सहायता प्रदान की थी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट और चीन के सरकारी चैनल एवीआईसी के दिए गए साक्षात्कार में दिए गए इंटरव्यू में यह बात सामने आई है।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में सबसे पहले हुए आतंकवादी हमलों में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिन्दूर' शुरू किया था। भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के स्वामित्व वाले कश्मीर में आतंकियों पर हमले किए। भारतीय सेना के मुताबिक इस कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद, विश्राम-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए।
एवीआईसी के चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने बताया कि वे युद्ध के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहयोग देने के लिए शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि सपोर्ट बेस पर कॉन्फिडेंट एफ़ैटफ्लैट्स की आवाज़ें और एयर रेड सायरन का दावा किया जा रहा था। मई में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बावजूद उनकी टीम ने काम जारी रखा।
झांग हेंग ने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पाकिस्तान दिए गए चीनी हथियार को पूरी तरह से हासिल कर ले। दूसरे इंजीनियर शू दा ने जे-10सी लड़ाकू विमान को 'अपने बच्चे' की तरह समझाया और युद्ध में इसका प्रदर्शन किया। जे-10सी चीन का जे-10सी का संयुक्त संस्करण है, जिसे 4.5 पीढ़ी का आधुनिक फाइटर जेट माना जाता है। पाकिस्तान चीन के बाहर इसका सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है। पाकिस्तान के पास 2020 में 36 ऐसे विमान और 250 पीएल-15 मिसाइलें थीं।
भारतीय सेना पहले ही चिंतित थी। जुलाई 2025 में भारतीय सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान की 81 प्रतिशत सैन्य उपकरण कंपनियां निर्मित हैं और पाकिस्तान अपनी 'लाइव लैब' की तरह इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने दावा किया था कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान पाकिस्तान को चीन से हर संभव मदद मिल रही थी, जिसमें लाइव इंटेलिजेंस जानकारी भी शामिल थी। चीन के कबूलनामे के बाद एक बार फिर ड्रैगन बेनकाब हो गया है। क्योंकि भारत का पड़ोसी देश पहले भी नापाक हरकते कर चुका है।
Updated on:
08 May 2026 09:51 pm
Published on:
08 May 2026 09:51 pm
