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AI की वजह से चीन में बढ़ी नौकरी जाने की चिंता, टैक्सी ड्राइवर से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक असर

China AI Jobs Tension: चीन में AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच रोजगार पर संकट गहरा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक रोबोटेक्सी और एआई टूल्स की वजह से टैक्सी ड्राइवरों और व्हाइट कॉलर कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हो रही हैं।
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भारत

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Saurabh Mall

Aug 02, 2026

China's workers losing jobs due to rapid AI rollout

चीन में AI की वजह से बढ़ी बेरोजगारी (सोर्स: ANI)

China Unemployment: चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही रोजगार को लेकर नई चिंताएं भी सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एआई और ऑटोमेशन के कारण टैक्सी ड्राइवरों से लेकर व्हाइट कॉलर कर्मचारियों तक कई लोगों की नौकरियां प्रभावित हो रही हैं। ऐसे समय में यह बदलाव हो रहा है, जब चीन पहले से ही कमजोर श्रम बाजार और बढ़ती बेरोजगारी से जूझ रहा है।

‘Robotaxi’ से टैक्सी ड्राइवरों पर असर

रिपोर्ट के अनुसार, वुहान शहर में ड्राइवरलेस ‘Robotaxi’ सेवा शुरू होने के बाद कई टैक्सी चालकों की आजीविका प्रभावित हुई। हालांकि कुछ समय बाद तकनीकी खराबी के कारण कई ‘Robotaxi’ सड़क पर ही रुक गए, जिससे ट्रैफिक जाम लग गया। इसके बाद जांच के लिए इस सेवा को अस्थायी रूप से वापस लिया गया और कुछ ड्राइवरों को फिर काम मिलने लगा।

AI से व्हाइट कॉलर नौकरियां भी प्रभावित

रिपोर्ट में कहा गया है कि अब केवल ड्राइवर ही नहीं, बल्कि दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरियां भी AI की वजह से प्रभावित हो रही हैं। हाल के महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कंपनियों ने कर्मचारियों की जगह AI टूल्स का इस्तेमाल शुरू कर दिया। कुछ अदालतों ने ऐसे कर्मचारियों को मुआवजा देने का आदेश भी दिया है, लेकिन नौकरी गंवाने का डर अभी भी बना हुआ है।

फिल्म इंडस्ट्री भी अछूती नहीं

बीजिंग में करीब 20 वर्षों से काम कर रहे सिनेमैटोग्राफर तियान जेमिन ने बताया कि AI की वजह से उनका काम छिन गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने छह साल की कड़ी मेहनत के बाद सिनेमैटोग्राफर बनने का सपना पूरा किया था, लेकिन आखिरकार एक सॉफ्टवेयर ने उनकी जगह ले ली।

चीन में बढ़ रही 'Gig Economy'

रिपोर्ट के मुताबिक, रियल एस्टेट और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में मंदी आने के बाद लाखों लोग ‘Gig Economy’ की ओर बढ़े हैं। एक थिंक टैंक का अनुमान है कि 2026 में चीन में 32 करोड़ लोग लचीले रोजगार (Flexible Employment) से जुड़े होंगे, जो 2019 के मुकाबले दोगुने हैं। यह देश के कुल कार्यबल का लगभग 44 प्रतिशत है।

बता दें ‘गिग इकोनॉमी’ ऐसी आर्थिक व्यवस्था है, जिसमें लोग स्थायी नौकरी करने के बजाय छोटे समय के काम, प्रोजेक्ट या फ्रीलांस काम करके कमाई करते हैं। इसमें फ्रीलांसर, स्वतंत्र रूप से काम करने वाले लोग और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले वर्कर शामिल होते हैं।

सरकार के सामने नई चुनौती

हाल ही में शंघाई में आयोजित ‘World AI Conference’ में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा था कि AI को साझा समृद्धि और सुरक्षा का माध्यम बनना चाहिए। हालांकि रिपोर्ट का कहना है कि AI के तेजी से विस्तार के कारण रोजगार पर बढ़ता दबाव सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि चीन सरकार कंपनियों पर भर्ती से जुड़े नियम लागू कर सकती है, लेकिन फिलहाल AI की वजह से जा रही नौकरियों को बचाना आसान नहीं दिख रहा है।