
चीन में भ्रष्टाचार पर पूर्व मंत्री टैंग रेनजियान को मौत की सजा। (फोटो: एक्स.)
China minister corruption: चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई (Strict Punishment) होने का एक और मामला सामने आया है। चीन के पूर्व कृषि मंत्री टैंग रेनजियान को रिश्वतखोरी (China minister corruption) के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है, जिसमें दो साल की मोहलत दी गई है। इसके अलावा उनकी सभी संपत्तियाँ जब्त कर ली जाएंगी और उन्हें आजीवन राजनीतिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया है।यह सजा चीन की भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों का हिस्सा है, जो दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। टैंग पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर मोटी रिश्वत (Bribery) ली। इस तरह की सजा चीन में बड़े अधिकारियों के लिए असामान्य नहीं है, क्योंकि वहां भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए कठोर कानून लागू किए गए हैं।
चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े नियम हैं। वहां का कानून रिश्वत लेने, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग, और अनुचित लाभ लेने वालों के लिए सजा का प्रावधान करता है। गंभीर मामलों में मौत की सजा तक हो सकती है, जैसा कि टैंग रेनजियान के मामले में देखा गया। इसके अलावा, भ्रष्टाचार के दोषियों की संपत्ति जब्त करना और उन्हें सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह बाहर करना आम बात है। चीन की सरकार भ्रष्टाचार को देश की प्रगति और जनता के विश्वास के लिए खतरा मानती है, इसलिए ऐसे मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाती है।
भारत में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कई कानून लागू हैं, जैसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, जो रिश्वतखोरी और सरकारी अधिकारियों द्वारा अनुचित लाभ लेने पर सजा का प्रावधान करता है। हालांकि, भारत में सजा का स्तर चीन जितना कठोर नहीं है। यहां भ्रष्टाचार के दोषी को आमतौर पर जेल की सजा और जुर्माना होता है, लेकिन मौत की सजा का प्रावधान नहीं है। भारत में भ्रष्टाचार के मामलों में जांच और सजा में देरी एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण कई बार दोषी बच निकलते हैं।
चीन की एक बच्चा नीति (1979-2015) का भ्रष्टाचार से सीधा संबंध नहीं है, लेकिन यह चीन की सख्त नीतियों का एक उदाहरण है। इस नीति के तहत परिवारों को केवल एक बच्चा पैदा करने की अनुमति थी, और उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या सजा हो सकती थी। भारत में ऐसी कोई नीति कभी लागू नहीं हुई, क्योंकि भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना अलग है। हालांकि, भारत में जनसंख्या नियंत्रण के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन ये स्वैच्छिक हैं और सजा का डर नहीं होता।
चीन के भ्रष्टाचार विरोधी नियम भारत में लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मानवाधिकारों का ध्यान रखा जाता है। चीन जैसे कठोर कानून भारत की कानूनी और सामाजिक व्यवस्था में फिट नहीं बैठते। फिर भी, भारत में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए और सख्ती की जरूरत महसूस की जा रही है। जांच प्रक्रिया को तेज करना, सजा को प्रभावी करना और पारदर्शिता बढ़ाना भारत में भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए जरूरी कदम हो सकते हैं।
बहरहाल दुनियाभर में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है। सिंगापुर, डेनमार्क जैसे देशों ने भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए सख्त और पारदर्शी व्यवस्था बनाई है। चीन का दृष्टिकोण कठोर सजा पर आधारित है, जबकि भारत में सुधारों की जरूरत है। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए न केवल कड़े कानून, बल्कि सामाजिक जागरूकता और नैतिकता को बढ़ावा देना भी जरूरी है।
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Published on:
29 Sept 2025 06:45 pm
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