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चीन से आ रहा था ईरानी जहाज, अमेरिका ने हॉर्मुज में गोलीबारी कर जबरन पकड़ा तो बौखला उठा ‘ड्रैगन’, जानें क्या कहा?

अमेरिकी नौसेना ने हॉर्मुज स्ट्रेट में एक ईरानी कार्गो जहाज पर गोली चलाकर उसे जब्त कर लिया। यह जहाज चीन से आ रहा था। ईरान ने इसे ‘सशस्त्र डकैती’ बताया और अमेरिका से सीधा बदला लेने की धमकी दी है।

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भारत

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Mukul Kumar

Apr 20, 2026

Strait of Hormuz latest news

होर्मुज स्ट्रेट। (PC: AI)

अमेरिकी नौसेना ने हॉर्मुज स्ट्रेट में एक ईरानी कार्गो जहाज पर गोली चलाकर उसे जब्त कर लिया। यह जहाज चीन से आ रहा था।

इसको लेकर ईरान अब अमेरिका से सीधा बदला लेने की तैयारी में है। ईरान की सेना ने इसे 'सशस्त्र डकैती' बताया है। इस घटना ने हॉर्मुज स्ट्रेट में पहले से चले आ रहे तनाव को और भड़का दिया है।

ईरान का गुस्सा फूट पड़ा

ईरानी सेना ने साफ कहा कि उनका जहाज ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान अमेरिका ने उस पर फायरिंग की और जहाज पर कब्जा कर लिया। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि इसकी कीमत अमेरिका को चुकानी पड़ेगी।

जहाज चीन से आ रहा था, यानी दोनों देशों के बीच पहले से अच्छे व्यापारिक संबंध हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने बिना वजह हमला किया। अब ईरानी सेना जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

चीन ने अमेरिका को ललकारा

चीन ने इस पूरे मामले पर सबसे तेज प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि अमेरिका ने 'जबरन जब्त' किया है। उन्होंने इसे गलत और खतरनाक बताया।

प्रवक्ता ने आगे कहा- हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पहले से ही बहुत संवेदनशील और जटिल है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे युद्धविराम समझौते का सम्मान करें और जिम्मेदारी से काम करें।

हॉर्मुज में क्यों इतना तनाव?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। यहां से रोजाना करोड़ों बैरल तेल गुजरता है। अगर यहां यातायात रुक गया तो दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

भारत जैसे देश जो अपना बड़ा तेल यहां से ही आयात करते हैं, उन पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है। चीन ने कहा कि सभी पक्षों को आगे बढ़कर तनाव नहीं बढ़ाना चाहिए। उन्हें ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि हॉर्मुज से सामान्य जहाजरानी फिर से शुरू हो सके।

अमेरिका का दावा

अमेरिका का कहना है कि उन्होंने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू करने के लिए यह कदम उठाया। उनका दावा है कि ईरानी जहाज नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था, इसलिए उन्हें गोली चलानी पड़ी और जहाज जब्त करना पड़ा।