
Nuclear Power Plant in China: देश को तेल, गैस से छुटकारा दिलाने और कोयले से चलने वाले बिजली स्टेशनों पर निर्भरता कम करने के लिए चीन सौर और पवन ऊर्जा में भारी निवेश कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार चीन दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अपनी परमाणु रिएक्टरों की क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है। पिछले दशक में चीन ने कुल 55 परमाणु रिएक्टरों में से 37 जोड़े हैं जबकि इसी अवधि में अमरीका 93 परमाणु रिएक्टरों के साथ दुनिया में नंबर वन है, ने सिर्फ दो रिएक्टर को शामिल किया है।
चीन में दर्जनों रिएक्टरों पर चल रहा काम
बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए चीन का लक्ष्य हर साल 6-8 परमाणु रिएक्टर स्थापित करना है। हालांकि कुछ अधिकारियों को लगता है कि यह लक्ष्य कम है। देश के परमाणु नियामक का कहना है कि चीन प्रति वर्ष 8-10 परमाणु ऊर्जा जोड़ने की क्षमता रखता है। चीनी प्रशासन ने पिछले साल 10 रिएक्टरों के निर्माण को मंजूरी दी। फिलहाल चीन में 22 परमाणु रिएक्टर निर्माणाधीन हैं, जो किसी भी अन्य देश से कहीं अधिक हैं।
सस्ते लोन और सब्सिडी ने किया रास्ता आसान
पश्चिमी देशों में परमाणु ऊर्जा का विकास कई कारणों से रुका हुआ है। रिएक्टरों के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता होती है और निर्माण में सालों लग जाते हैं। वहीं चीन ने सरकारी स्वामित्व वाली ऊर्जा कंपनियों को सस्ते लोन के साथ-साथ जमीन और लाइसेंस प्रदान करके परमाणु ऊर्जा के लिए रास्ता आसान कर दिया है। परमाणु ऊर्जा के आपूर्तिकर्ताओं को सब्सिडी दी जाती है जिसे 'फीड-इन टैरिफÓ के रूप में जाना जाता है। इन सभी कारणों से कारण चीन में परमाणु ऊर्जा की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटे तक कम हो गई है जबकि अमरीका में यह 105 डॉलर और यूरोपीय संघ में 160 डॉलर है।
चीन के बाद भारत में सबसे ज्यादा परमाणु रिएक्टरों का निर्माण
विश्व परमाणु संघ के अनुसार दुनिया के 32 देशों में 440 परमाणु रिएक्टर 390 गीगावाट ऊर्जा से अधिक की क्षमता रखते हैं, जो दुनिया की कुल बिजली का लगभग 10 प्रतिशत प्रदान करते हैं। बांग्लादेश, मिस्र जैसे देश फिलहाल अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण कर रहे हैं। जबकि भारत, फ्रांस और स्वीडन समेत मौजूदा परमाणु शक्ति संपन्न देश अपने कार्यक्रमों का विस्तार कर रहे हैं। चीन के बाद भारत में सबसे ज्यादा परमाणु रिएक्टरों का निर्माण हो रहा है।
विश्व में निर्माणाधीन परमाणु रिएक्टर
चीन - 22
भारत - 08
तुर्की 04
दक्षिण कोरिया 03
रूस 03
(स्रोत: विश्व परमाणु संघ)
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Published on:
05 Dec 2023 09:43 am
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