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अब जापान और फिलीपींस को हथियाने की फिराक में चीन! विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, अमरीका ले सकता है बड़ा फैसला

फिलीपींस (Philippines) की राजधानी मनीला में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और चीन के खिलाफ देश छोड़ो की नारेबाज़ी के साथ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। इधर जापान (Japan) में करीब 92 प्रतिशत लोग मान रहे हैं कि उन्हें चीन से खतरा महसूस हो रहा है।

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people protest against china to interference increasing in Japan-Philippines

people protest against china to interference increasing in Japan-Philippines

चीन (China) लगातार क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है। पड़ोसी देशों में चीन को लेकर असुरक्षा की भावना लगातार गहरी होती जा रही है। एक ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि जापान (Japan) में 92 फीसदी जापानी मानते हैं कि चीन उनकी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। वहीं, पिछले कुछ महीनों में चीन ने ताइवान के बाद अब फिलीपींस (Philippines) को अपनी आक्रामकता का निशाना बनाया है। इसके चलते अब फिलीपींस के लोग भी चीन के खिलाफ सड़कों पर आ गए हैं।

मनीला में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन

बीते मंगलवार को फिलीपींस की राजधानी मनीला (Maynila) में प्रदर्शनकारियों ने चीन फिलीपींस छोड़ो के नारे लगाए और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) का पुतला फूंका। गौरतलब है कि चीन के बढ़ते खतरे को देखते हुए सोमवार से अमरीका, फिलीपींस, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में युद्धाभ्यास भी शुरू किया है।

समंदर में आक्रामक हो रहा चीन

पश्चिमी फिलीपीन सागर (Philippine Sea) में फिलीपींस के खिलाफ चीन के तटीय रक्षकों द्वारा वॉटर कैनन से निशाना बनाए जाने के कारण फिलीपींस इन दिनों चीन के खिलाफ असंतोष उबाल मार रहा है। मंगलवार को मनीला में प्रदर्शनकारियों ने 'चीन छोड़ो' के नारे लगाते हुए चीन (China) के वाणिज्य दूतावास की ओर मार्च किया और जिनपिंग का पुतला फूंका।

92 फीसदी जापानी मानते हैं चीन को खतरा

सिर्फ फिलीपींस ही नहीं, जापान (Japan) में चीन के खिलाफ भारी असंतोष देखा जा रहा है। जापान के यामियूरी समाचार पत्र द्वारा हाल में कराए गए सर्वे के अनुसार, 92 फीसदी जापानी चीन को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। जबकि एक साल पहले ऐसा मानने वालों की संख्या 86 फीसदी थी।

अमरीका पहुंचे जापान के पीएम

उधर, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा (Fumio Kishida) अपनी बहु प्रतीक्षित अमरीका यात्रा पर मंगलवार को अमरीका पहुंच गए। माना जा रहा है कि अपनी इस यात्रा के दौरान प्रशांत महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता से जुड़ी चिंताओं पर दोनों देश बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों में कई सुरक्षा समझौते हो सकते हैं। गौरतलब है कि यहां फिलीपींस, जापान और अमरीका के बीच पहली शिखर बैठक में हिंद प्रशांत सागर में नेविगेशन की स्वतंत्रता को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।


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