
चीन ने प्रशांत महासागर में एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया । ( फोटो:AI Generated)
China Test Long Range Ballistic Missile : सुपर पावर चीन की सेना ने सोमवार को एक परमाणु पनडुब्बी से प्रशांत महासागर में एक मिसाइल का परीक्षण किया, जिससे जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कान खड़े हो गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तीनों देशों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गौरतलब है कि चीन ने 2024 में एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, यह एक दुर्लभ परीक्षण था, जिसमें उसने देश की जबरदस्त सैन्य ताकत दिखाई थी।
चीनी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी की एक परमाणु पनडुब्बी ने दोपहर 12:01 बजे प्रशांत महासागर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र की ओर डमी वॉरहेड वाली एक मिसाइल लॉन्च की। मिसाइल टारगेट एरिया में गिरी, लेकिन जगह के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई। चीन ने इस लॉन्च को अपनी सालाना मिलिट्री ट्रेनिंग का हिस्सा और "रूटीन टेस्ट" बताया और कहा कि इसे किसी खास देश या टारगेट को ध्यान में रखकर नहीं किया गया था।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि चीन ने सरकार को इस प्रस्तावित परीक्षण के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने इस लॉन्च को इलाके के लिए अस्थिर करने वाला बताया। वोंग ने फिजी की राजधानी सुवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ऑस्ट्रेलिया ने साफ कह दिया है कि यह प्रस्तावित परीक्षण तीव्र सैन्य शक्ति विस्तार के बीच हो रहा है, जिसमें क्षमताओं और इरादों के बारे में पारदर्शिता की कमी है, और यह क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।
जापान सरकार ने कहा है कि उसे मिसाइल गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली है और हमने चीन से संयम बरतने का आग्रह किया है। टोक्यो ने कहा, 'हमने चीनी सेना की बढ़ती गतिविधियों को लेकर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है।' इसके अलावा, यह भी बताया गया कि चीनी अधिकारियों ने रविवार को जापान कोस्ट गार्ड को अंतरिक्ष से गिरने वाले मलबे के बारे में जानकारी दी, जो जापान के 'एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन' में गिर सकता है। मीडिया ने सोमवार को जापानी सरकार के एक सूत्र के हवाले से बताया कि मिसाइल जापान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन के बाहर गिरी।
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि देश चीन के इस परीक्षण को लेकर बहुत चिंतित है और उसे प्रक्षेपण की सूचना "कुछ ही घंटों के अंदर" मिल गई थी। एक बयान में पीटर्स ने कहा, 'प्रशांत क्षेत्र में हमारे पड़ोसियों की तरह, हम भी नहीं चाहते कि चीन दक्षिण प्रशांत क्षेत्र को मिसाइल क्षमताओं के परीक्षण स्थल के रूप में इस्तेमाल करे।'
Updated on:
06 Jul 2026 02:11 pm
Published on:
06 Jul 2026 02:10 pm
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