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पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों व विदेशियों के खिलाफ हिंसा बढ़ी, HRFP की रिपोर्ट में खुलासा

Pakistan Violence Minorities:पाकिस्तान में पिछले कुछ अरसे के दौरान धार्मिक अल्पसंख्यकों और विदेशियों के खिलाफ हिंसा में इजाफा हुआ है। मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
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भारत

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MI Zahir

Jul 06, 2026

Pakistan Violence Against Minorities News.

पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा। ( फोटो : ANI)

Pakistan Violence Increased Against Religious Minorities : पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों व विदेशियों के खिलाफ हिंसा, भेदभाव और मानवाधिकार उल्लंघन में लगातार इजाफा होने की बात सामने आई है। मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान की ओर से सोमवार को जारी की गई रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। संस्था के अनुसार, ईसाई, हिंदू, सिख और विदेशी नागरिकों से जुड़ी हाल की घटनाओं से कमजोर समुदायों के लिए न्याय, जवाबदेही और समान संरक्षण सुनिश्चित करने में लगातार विफलता उजागर हुई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से जून 2026 के दौरान, एचआरएफपी की आरईएटी हेल्पलाइन को मानवाधिकार उल्लंघनों के बारे में 600 से अधिक कॉल प्राप्त हुईं। जानिए इस जुल्म की सिलसिलेवार दास्तान :

केस 1 : ईशनिंदा के आरोपी अमीर पीटर की जेल में मौत

एचआरएफपी के अनुसार 60 वर्षीय ईसाई अमीर पीटर की ईशनिंदा के आरोपों के बाद लगभग एक वर्ष तक हिरासत में रहने के बाद 1 जुलाई को मृत्यु हो गई। बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण चिकित्सा जमानत के लिए बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, वे अपनी मृत्यु तक जेल में ही रहे।

केस 2 : सिद्दीक मसीह की हत्या कर दी गई

संगठन ने 40 वर्षीय ईसाई मजदूर और चार बच्चों के पिता सिद्दीक मसीह की हत्या की कड़ी निंदा की, जिनकी 22 जून, 2026 को पट्तोकी में हत्या कर दी गई थी। उन्हें मुस्लिम मजदूरों के शेयर किए जा रहे कूलर से पानी पीने की अनुमति नहीं थी, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई।

केस 3 : मजदूर शाहबाज मसीह पर इस्लाम अपनाने का आरोप

एचआरएफपी टीम की फैसलाबाद के चक नंबर 243 आरबी के निवासी ईसाई ईंट भट्ठे के मजदूर शाहबाज मसीह के मामले की जांच के अनुसार, शाहबाज ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को बंधुआ मजदूरी, धार्मिक दबाव और गंभीर शोषण का शिकार बनाया गया था। उन्होंने दावा किया कि ईंट भट्ठे के मालिक ने बकाया कर्ज माफ करने के बदले परिवार पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव डाला। हालांकि कुछ रिश्तेदारों ने दबाव में आकर धर्म परिवर्तन कर लिया, लेकिन शाहबाज और उनके परिवार ने इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज के कारण उन्हें, उनकी पत्नी और उनके छह बच्चों को कम मजदूरी पर प्रतिदिन लगभग 2,500 ईंटें बनाने के लिए मजबूर किया गया था। इससे बच्चे शिक्षा से वंचित हो गए। शाहबाज ने यह भी बताया कि अगर उन्होंने ईंट भट्ठे को छोड़ने की कोशिश की तो उन्हें हिंसा की धमकियां मिलीं।

केस 4 : सफाईकर्मी वसीम मसीह का कत्ल

रिपोर्ट के मुताबिक एक 40 वर्षीय ईसाई सफाईकर्मी वसीम मसीह का कत्ल कर दिया गया। एचआरएफपी के मुताबिक, वसीम ने मोहम्मद इरफान चंदी की ओर से अपनी पत्नी सुनीता मसीह के कथित उत्पीड़न का बार-बार विरोध किया था। हालांकि वसीम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोपी के राजनीतिक और धार्मिक प्रभाव के कारण कथित तौर पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उसके बाद 5 जून, 2026 को हथियारबंद संदिग्ध वसीम के घर में घुस गए, उनकी हत्या कर दी और शव छत से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का नाटक रचा। वसीम के भाई नदीम मसीह और वसीम की पत्नी और बच्चों को न्याय की मांग करने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।

केस 5 : कर्मचारियों वसीम, डोगर और शफीक की मौत

रिपोर्ट के अनुसार 10 जून, 2026 को लोध्रान में सीवरेज पाइपलाइन की सफाई करते समय वसीम मसीह और इकराम डोगर नामक दो सीवर कर्मचारियों की मौत हो गई। एक अन्य घटना 4 जुलाई को बहावलनगर में घटी, जहां मुख्य पाइपलाइन की सफाई करते समय जहरीली गैस के संपर्क में आने से इरफान मसीह और शफीक की मृत्यु हो गई।
रुखसाना और मसीह पर हमला किया

केस 6 : रुखसाना बेगम और उनके बेटे अशर मसीह पर हमला

रिपोर्ट के मुताबि​क फैसलाबाद में ईसाई महिला सफाईकर्मी रुखसाना बेगम और उनके बेटे अशर मसीह पर हमला किया गया। उनके सुपरवाइजर इमरान गुज्जर ने 4 जुलाई को ड्यूटी के दौरान उन पर हिंसा की थी। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पीड़ितों को मामले से पीछे हटने की धमकी दी जा रही है।

केस 7 : किसान कोहली की गोली मार कर हत्या

रिपोर्ट के अनुसार सिंध के बदीन जिले में एक स्थानीय जमींदार से जुड़े भूमि विवाद के दौरान युवा हिंदू किसान कैलाश कोहली की गोली मारकर हत्या कर दी गई ।

केस 8 : हिंदू छात्रा गौरी कुमारी गायब हो गई

संगठन की रिपोर्ट के अनुसार सिंध के शाहदादपुर की 16 वर्षीय हिंदू छात्रा गौरी कुमारी 1 जुलाई को लापता हो गई।

केस 9 : माउ-असुम और ब्राचो का अपहरण व यौन उत्पीड़न

लाहौर में डच नागरिक स्टेफनी एड्रियाना माउ-असुम और वेनेजुएला की नागरिक एस्ट्रिड रॉबिन्सन ब्राचो का अपहरण और यौन उत्पीड़न किया गया।

केस 10: सिल्वी यास्मीना और बच्चों को 12 साल घर में कैद रखा

फ्रांसीसी नागरिक सिल्वी यास्मीना और उनके पांच बच्चों को खैबर पख्तूनख्वा में उनके घर में कैद कर के 12 वर्षों तक शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।

पाकिस्तान में जुल्म की इंतेहा हो गई

मानवाधिकार संगठन एचआरएफपी की ओर से धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर किए जा रहे दुर्व्यवहारों के भयावह मामलों के एकत्र किए गए दस्तावेज के अनुसार अल्पसंख्यकों के खिलाफ हत्याएं, यौन हिंसा, ईशनिंदा के झूठे आरोप, मनमानी हिरासत, अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन, बंधुआ मजदूरी, पूजा स्थलों पर हमले, कार्यस्थल पर भेदभाव और कानून के
तहत समान संरक्षण से महरूम करना शामिल हैं।

कमजोर समुदायों और विदेशियों पर लगातार अत्याचार

ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान (एचआरएफपी) के अध्यक्ष नवीद वाल्टर ने कहा कि ईसाई, हिंदू, सिख और अन्य कमजोर समुदायों और विदेशियों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं और सार्थक कानूनी व संस्थागत सुधारों की तत्काल आवश्यकता है।

पीटर, जफर और सिद्दीक की मौत : जांच की मांग

संगठन के अनुसार आमिर पीटर, जफर भट्टी और सिद्दीक की मौत ऐसे मामले हैं, जिन्होंने इस तथ्य को पुख्ता किया है। संगठन ने पीटर की मौत की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की। वहीं जफर भट्टी को भी याद किया, जिन्हें 2 अक्टूबर, 2025 को ईशनिंदा के आरोपों से बरी कर दिया गया था। उन्होंने उस अपराध के लिए तेरह साल जेल में बिताए थे, जिसके बारे में वे लगातार कहते रहे कि उन्होंने वह अपराध नहीं किया था। दुखद रूप से, रिहाई के महज दो दिन बाद ही दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।

अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव

बहरहाल मानवाधिकार संगठन एचआरएफपी की रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है। वहीं हजारों अल्पसंख्यक कर्मचारी कम वेतन, वेतन भुगतान में देरी, असुरक्षित कार्य परिस्थितियां, अपर्याप्त सुरक्षा उपकरण, व्यावसायिक स्वास्थ्य संबंधी खतरे और लगातार सामाजिक भेदभाव झेल रहे हैं। (इनपुट: ANI)