
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं। (फोटो : ANI )
India Relations With Indonesia Australia and New Zealand: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे के लिए रवाना हुए। मोदी 6 से 11 जुलाई 2026 तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर हैं। वे इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बुलावे पर 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज के निमंत्रण पर ऑस्ट्रेलिया और प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे। बहरहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया,ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन और एक स्वतंत्र व खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत का दृष्टिकोण और मजबूत करेगी।
इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ भारत के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं, जिसके मूल में एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक के प्रति साझा प्रतिबद्धता है। समुद्री सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन और अहम खनिजों पर केंद्रित ये रिश्ते अभी अपने उच्चतम स्तर पर हैं, और उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय शिखर सम्मेलनों से इन रिश्तों को और बढ़ावा मिला है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंध हैं, जिन्हें 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया गया है। दोनों देशों के बीच सहयोग मुख्य रूप से समुद्री क्षेत्र की जानकारी, रक्षा निर्माण और महत्वपूर्ण खनिजों पर केंद्रित है। आसियान के एक अहम पार्टनर और भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के मुख्य हिस्से के तौर पर, दोनों देश स्थिर व्यापार और सप्लाई चेन रूट बनाए रखने के लिए मिलकर काम करते हैं।
गौरतलब है कि भारत और इंडोनेशिया के बीच पुराने रिश्ते हैं। मोदी की इंडोनेशिया यात्रा राष्ट्रपति प्रबोवो की यात्रा के बाद हो रही है, जो 26 जनवरी, 2025 को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे। इससे पहले सन 2018 में मोदी की पहली इंडोनेशिया यात्रा से भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती आई थी।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रिश्ता 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी', रक्षा और सुरक्षा से जुड़े व्यापक समझौतों और 'आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते' के जरिये बने मजबूत आर्थिक संबंधों पर टिका हुआ है। दोनों देश 'क्वाड' में भी अहम पार्टनर हैं और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलजुल कर काम कर रहे हैं।
पिछले कुछ बरसों के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंधों को नई गति मिली है। इसका एक अहम उदाहरण चार दशकों के दौरान किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ऑकलैंड की यह पहली राजकीय यात्रा है। व्यापार, वाणिज्य और रक्षा के क्षेत्रों में तेजी से आपसी सहयोग बढ़ा है। दोनों देश एक नए मुक्त व्यापार ढांचे और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को प्राथमिकता दे रहे हैं। साथ ही, वे गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध बनाने के लिए वहां मौजूद बड़े और सफल भारतीय समुदाय का भी लाभ उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ने प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी अपने विदाई बयान में कहा कि यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक आजाद और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। उन्होंने पोस्ट में कहा, “भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत सभ्यतागत और जनता के रिश्ते हैं और मेरी यह यात्रा हमारी बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को और गहरा करेगी। इस यात्रा के दौरान, मैं इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करूंगा और राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा करूंगा।
मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथोनी अल्बानीज के निमंत्रण पर इंडोनेशिया से मेलबर्न की यात्रा कर रहे हैं। उनकी यह यात्रा भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करेगी और प्रधानमंत्री अल्बानीज के साथ उनकी चर्चा में रक्षा व सुरक्षा, व्यापार और निवेश, शिक्षा व आवागमन और पब्लिक रिलेशंस के क्षेत्र में भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। मेलबर्न में वे भारतीय प्रवासी समुदाय से मिलेंगे।
मोदी मेलबर्न से न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री, माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर ऑकलैंड, न्यूजीलैंड की यात्रा पर जा रहे हैं। उनकी यह यात्रा मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद भारत के द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती बढ़ाएगी। इस यात्रा के दौरान, मोदी प्रधानमंत्री लक्सन के साथ आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।
गौरतलब है कि भारत और न्यूजीलैंड ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करके द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों में भारतीय प्रवासी समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस यात्रा के दौरान, वे भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।
Updated on:
06 Jul 2026 10:50 am
Published on:
06 Jul 2026 10:50 am
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