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क्या बांग्लादेश में पलट सकता है गेम? शेख हसीना के देश लौटने पर क्या कह रहे एक्सपर्ट

Sheikh Hasina: शेख हसीना के वतन लौटने के ऐलान को आखिर क्यों एक्सपर्ट बड़ा राजनीतिक दांव बता रहे हैं। वतन वापसी पर शेख हसीना ने क्या कहा..
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Sheikh Hasina Latest News.

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना। (Photo- ANI)

Sheikh Hasina return Bangladesh: बांग्लादेश में सियासत फिर से करवट ले रही है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान कर दिया है कि वह इस साल के अंत तक वतन लौट जाएंगी। हसीना अगस्त 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के कारण अपनी सरकार गिरने के बाद भारत में रह रही हैं। हसीना के वतन लौटने के ऐलान को बांग्लादेश की अंदरूनी सियासत के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक लेवल पर भी बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। एक्सपर्ट इसे हसीना का बड़ा राजनीतिक दांव बता रहे हैं।

शेख हसीना ने चल दिया बड़ा राजनीतिक दांव

भारत के सामरिक मामलों के जाने-माने एक्सपर्ट ब्रह्म चेलानी ने शेख हसीना के ऐलान पर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। चेलानी ने कहा कि दिसंबर में बांग्लादेश लौटने और अपनी मर्जी से सरेंडर करने का शेख हसीना का फैसला एक बड़ा राजनीतिक दांव है। जिससे ढाका के अधिकारियों के पास कोई अच्छा विकल्प नहीं बचता है। अपनी शर्तों पर लौटकर, वह खुद को एक कथित भगोड़े से बदलकर एक ऐसी नेता के तौर पर पेश करती हैं जो फैसले का सामना करने को तैयार है, और इस तरह राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी सरकार पर डाल देती हैं।

बांग्लादेश सरकार की प्रत्यर्पण की मुहिम बेअसर

उन्होंने कहा कि अपनी मर्जी से सरेंडर करके वह इस पहल को अपने हाथ में ले लेती हैं। जिससे ढाका की प्रत्यर्पण मुहिम बेअसर हो जाती है। इसके साथ ही, अपने ऊपर लदे मुकदमे को मौजूदा तारिक रहमान की सरकार की वैधता पर एक जनमत संग्रह में बदल देती हैं। इसके साथ ही, वह अपनी प्रतिबंधित अवामी लीग पार्टी में नई जान फूंकती हुई नजर आ रही हैं। चेलानी ने कहा कि वह अपने इस फैसले से तारिक रहमान की सरकार को मुश्किल फैसले लेने के लिए मजबूर करती हैं कि या तो किसी को शहीद बनाने का जोखिम उठाएं या फिर सरकारी देखरेख वाली न्यायपालिका पर राजनीतिक बदले की भावना के आरोप लगने दें।

वतन लौटने को लेकर हसीना ने क्या कहा ?

उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा है और वहां पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार या मार भी दिया जा सकता है, फिर भी वे अपने देश लौटना चाहती हैं। हसीना ने कहा कि अगर मौत आनी है तो वह मेरी अपनी मिट्टी पर आनी चाहिए।

अदालत ने सुनाई है मौत की सजा

पिछले साल नवंबर में, ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर उनकी सरकार की क्रूर कार्रवाई के दौरान कथित ‘मानवता के खिलाफ अपराधों’ के लिए हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद से ही बांग्लादेश, भारत से उन्हें प्रत्यर्पित करने की मांग कर रहा है ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई हो सके।