
Qatar court announces death sentence for 8 former Indian naval officers
भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को कतर में 26 अक्टूबर को सज़ा-ए-मौत के तौर पर फांसी की सजा सुनाई गई है। इन सभी पर जासूसी करने का आरोप लगाया गया है। कतर के गृह मंत्रालय ने 30 अगस्त, 2022 को इन सभी पर जासूसी का आरोप लगाया था और पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गथा। तभी से ये सभी जेल में हैं। इनके नाम कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर सेलर रागेश और कमांडर संजीव गुप्ता हैं। इन सभी के खिलाफ मुकदमे की शुरुआत इसी साल 29 मार्च से शुरू हुई थी। करीब 7 महीने बाद कतर की एक निचली अदालत ने फैसला सुनाया। हालांकि भारतीय सरकार की तरफ से इन सभी की मदद करने के कोशिशें जारी हैं।
राहत की कोशिशें जारी, सरकार कर रही है बातचीत
कतर में भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को फांसी की सज़ा देने के मामले में सभी को राहत दिलाने की कोशिशें जारी हैं। भारतीय सरकार इसके लिए कतर के सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को पेश करने की तैयारी में है और वो भी सबूत के साथ। भारतीय सरकार सभी 8 पूर्व नौसेना अधिकारियों को बचाने के लिए अच्छे वकील का इंतज़ाम भी करेगी जिससे उनका मामला मज़बूत हो सके। सरकार की तरफ से विदेश मंत्रालय में काम करने वाले एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कतर में बैकचैनल के ज़रिए अधिकारियों से बातचीत भी की जा रही हैं, जिससे इस समस्या का हल निकाला जा सके। इसके लिए उनसे अनुरोध किया जा रहा है कि मामले की सही जांच हो जिससे बेगुनाहों को सज़ा न मिले।
Published on:
27 Oct 2023 12:14 pm
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