
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-IANS)
नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह भड़क गए हैं। उन्होंने गुस्से में नॉर्वे को खूब सुनाया है।
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अकेले 8 युद्ध खत्म कर दिए, फिर भी नॉर्वे ने उनके योगदान को नहीं समझा। बता दें कि नॉर्वे ही नोबेल शांति पुरस्कार समारोह होस्ट करता है।
ट्रंप ने अपनी नारजगी जाहिर करते हुए कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार उनके लिए कोई मायने नहीं रखता, लेकिन नॉर्वे ने उनके साथ नाइंसाफी की है। उन्होंने कहा कि उन्हें गलत तरीके से पुरस्कार देने से मना कर दिया गया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनके लिए मुख्य मुद्दा यह था कि उन्होंने दुनिया में लाखों जानें बचाईं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने नॉर्वे की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि नॉर्वे द्वारा उन्हें सम्मान नहीं देने का फैसला पूरी तरह से 'मूर्खता' भरा था।
बता दें कि ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वह अपने पहले टर्म के दौरान खासकर मिडिल ईस्ट में डिप्लोमैटिक कोशिशों के लिए नोबेल पीस प्राइज के हकदार हैं और उन्होंने अक्सर अपने रिकॉर्ड की तुलना पिछले प्राइज पाने वालों से की है।
वहीं, नॉर्वे को नाटो का फाउंडिंग मेंबर बताते हुए ट्रंप ने उसे अमेरिकी सिक्योरिटी गारंटी से फायदा उठाने वाला देश भी बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में रूस और नाटो के बारे में भी बड़े दावे किए।
उन्होंने कहा कि मॉस्को को अमेरिकी सपोर्ट के बिना अलायंस से डर नहीं है। उन्होंने यूक्रेन पर रूस के पूरे कब्जे को रोकने का क्रेडिट भी खुद को दिया। पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अगर वह दखल नहीं देते तो रूस के पास अभी पूरा यूक्रेन होता।
ट्रंप ने कहा कि रूस और चीन को अमेरिका के बिना नाटो से कोई डर नहीं है। इसके साथ, उन्होंने आगे सवाल किया कि अगर अमेरिका को कोई खतरा होता है तो क्या नाटो उसकी मदद करेगा? इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन और रूस सिर्फ अमेरिका से डरते और इज्जत करते हैं।
नोबेल शांति पुरस्कार 2025 मारिया कोरिना मचाडो को दिया गया है, जो वेनेजुएला की एक विपक्षी नेता हैं। मचाडो को वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र में शांतिपूर्ण संक्रमण के लिए उनके अथक प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया गया।
Published on:
08 Jan 2026 10:26 am
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