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डोनाल्ड ट्रंप ने बताया ईरान पर क्यों किया हमला, बोले- परमाणु बम से 2 हफ्ते दूर था तेहरान, इजरायल पर मंडरा रहा था खतरा

Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्जिया के डाल्टन में रैली के दौरान ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने से महज दो सप्ताह दूर था और कहा कि युद्ध बहुत जल्द समाप्त हो सकता है।
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भारत

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Anand Shekhar

•

Oct 17, 2026

Donald Trump

फोटो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (सोर्स- ANI)

Donald Trump on Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्जिया में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बताया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का फैसला क्यों लिया गया। उन्होंने दावा किया कि जिस समय अमेरिकी सेना ने अपना ऑपरेशन शुरू किया, उस समय ईरान परमाणु हथियार बनाने से बस दो हफ्ते दूर था। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु बम आ जाता, तो वह इसका इस्तेमाल इजरायल समेत पूरे मध्य पूर्व को तबाह करने के लिए कर सकता था। उन्होंने आगे कहा कि ईरान के साथ चल रहा मौजूदा टकराव बहुत जल्द खत्म हो सकता है।

परमाणु बम मिलने पर ईरान कर सकता था इस्तेमाल - ट्रंप

डाल्टन में जुटी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेहरान की आक्रामक रणनीति पहले ही साफ हो चुकी थी, क्योंकि उसने उन देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था जो पहले तटस्थ थे या जिनके साथ उसके दोस्ताना संबंध थे।

ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास में पारंपरिक मिसाइलों की जगह परमाणु बम आ जाता, तो वह सबसे पहले इजरायल को उड़ा देता। इसके बाद पूरे मध्य पूर्व में भारी तबाही मचती और अंत में यूरोप और अमेरिका उसके अगले निशाने बनते। ट्रंप ने कहा कि ऐसी तबाही को रोकने के लिए सैन्य हमला करना जरूरी हो गया था।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पूरी रफ्तार से चल रही थी, फिर भी हमला जरूरी था - ट्रंप

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सम्बोधन में अमेरिकी अर्थव्यवस्था और पेट्रोल की कीमतों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन शुरू होने से पहले अमेरिका की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी थी। उन्होंने बताया कि जब वे आयोवा में थे, तब पेट्रोल की कीमतें 1.85 से 1.95 डॉलर प्रति गैलन तक थीं और देश पूरी रफ्तार से तरक्की कर रहा था।

ट्रंप ने बताया कि उस समय भी और आज भी अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बना हुआ है। अपनी आर्थिक नीतियों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई का फैसला ऐसे समय में लिया गया, जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही थी। उनके अनुसार, परमाणु खतरे को टालना एक बेहद जरूरी थी।

शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा का किया जिक्र

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने स्कॉट बेसेंट, हॉवर्ड लटनिक, पीट हेगसेथ, जनरल रेजिन केन और जेमिसन ग्रीर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की थी। उन्होंने अपनी टीम से कहा था कि देश की आर्थिक मजबूती के बावजूद, वैश्विक सुरक्षा के लिए उन्हें अपनी गति को थोड़ा रोकना जरूरी है और अपना ध्यान इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की ओर लगाना चाहिए।

ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस तरह की कार्रवाई करने में कोई खुशी नहीं मिल रही है, लेकिन ईरान के रणनीतिक और परमाणु ठिकानों पर एक निर्णायक हमला करना ही एकमात्र ऐसा विकल्प है, जिससे दुनिया को एक संभावित परमाणु तबाही से बचाया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान ने अपने लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और अब यह संघर्ष अपने अंत के करीब है।