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बैकफुट पर ट्रंप! बिना समझौते के युद्ध का मैदान छोड़ने के लिए तैयार

Iran-US Israel War: ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बैकफुट पर आ गए हैं। इसी वजह से अब वह बिना समझौते के युद्ध का मैदान छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं।

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भारत

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Tanay Mishra

Apr 01, 2026

Donald Trump

Donald Trump (Photo - Washington Post)

ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) का 33वां दिन है। अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि ईरान से अप्रयत्क्ष रूप से बातचीत जारी है, लेकिन ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। हालांकि इस दौरान भी अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। वहीँ ईरान भी लगातार मिडिल ईस्ट (Middle East) में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। अमेरिकी-इज़रायली हमलों के बावजूद ईरान झुका नहीं है। वहीं हर दिन इस युद्ध को जारी रखने की वजह से अमेरिका को काफी नुकसान हो रहा है।

बैकफुट पर ट्रंप!

ट्रंप अब बैकफुट पर आ गए हैं। वह युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार हैं और उन्होंने कहा है कि अमेरिका 2-3 हफ्ते में ईरान छोड़ सकता है। ट्रंप बुधवार की रात को अमेरिकी जनता को ईरान युद्ध पर संबोधित भी करेंगे और इस दौरान वह युद्ध खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं।

बिना समझौते के युद्ध का मैदान छोड़ने के लिए तैयार

ट्रंप अब बिना समझौते के युद्ध का मैदान छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ कोई डील हो या नहीं, अमेरिका जल्द ही इस युद्ध को खत्म करेगा और ईरान से निकल जाएगा।

क्यों बैकफुट पर आए ट्रंप?

जो ट्रंप युद्ध की शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज़ में थे, उनका अचानक बैकफुट पर आना हैरान करने वाली बात है। युद्ध को एक महीने से ज़्यादा समय बीत चुका है और ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि इस युद्ध में अमेरिका को उसके लक्ष्य हासिल हो चुके हैं, पर इतने हमलों के बावजूद ईरान ने उसके आगे झुकने से इनकार कर दिया, जिसकी उम्मीद शायद ही ट्रंप ने की होगी। होर्मुज स्ट्रेट पर भी ट्रंप की एक न चली और कई धमकियों के बावजूद ईरान ने इसे सभी देशों के लिए न खोलकर सिर्फ कुछ चुनिंदा देशों के लिए ही खोला। इस युद्ध में अब तक अमेरिका को 30 बिलियन डॉलर्स से ज़्यादा का नुकसान हो चुका है और युद्ध अगर और लंबा चला, तो अमेरिका को आर्थिक रूप से और नुकसान हो सकता है जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। युद्ध की वजह से अमेरिका में भी तेल-गैस महंगा हो गया है, जिससे अमेरिकी जनता नाराज़ है और इसका खामियाजा ट्रंप को आगामी मिडटर्म चुनाव में उठाना पड़ सकता है।