
फोटो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (सोर्स- ANI)
Donald Trump on Nuclear: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका का ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने का कोई इरादा नहीं है और न ही वे वहां जमीनी सेना भेजने के पक्ष में हैं। न्यूज चैनल न्यूजमैक्स को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु महाशक्ति है, जिसके बाद रूस और चीन का नंबर आता है, लेकिन ईरान के खिलाफ ऐसे घातक हथियारों का इस्तेमाल करने की कोई जरूरत नहीं है।
मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स (MOAB - GBU-43/B) के संभावित इस्तेमाल को लेकर मीडिया में आई खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि यह कोई परमाणु या टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियार नहीं है। उन्होंने बताया कि यह एक बेहद शक्तिशाली और बहुत बड़ा पारंपरिक बम है, जिसका असर एक छोटे परमाणु विस्फोट जैसा हो सकता है, लेकिन इसमें कोई परमाणु तत्व नहीं होते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास बेहतरीन सैन्य क्षमताएं हैं और ईरान जैसे देश के साथ किसी भी संघर्ष में उसे परमाणु विकल्प चुनने की कोई मजबूरी या जरूरत नहीं है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वो ईरान में अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर उतारने की जरूरत नहीं देखते।
इंटरव्यू के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी इलाके में यूक्रेन द्वारा चुने गए टारगेट पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यूक्रेन द्वारा रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अन्य प्रकार के लक्ष्यों के बजाय डीजल रिफाइनरियों को निशाना बनाना बेहद गैर जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया और वैश्विक अर्थव्यवस्था अभी डीजल ईंधन पर निर्भर है, इसलिए ऊर्जा उत्पादन सुविधाओं को नष्ट करके, यूक्रेनी नेतृत्व दुनिया का कोई भला नहीं कर रहा है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर युद्ध का कोई ठोस समाधान निकालना है, तो अब यूक्रेन में चुनाव कराने का समय आ गया है। ट्रंप ने कहा कि आम जनता युद्ध और तबाही से थक चुकी है, परिवार बिखर गए हैं और लोग अपने घरों पर गिरती मिसाइलों से पूरी तरह टूट चुके हैं।
ट्रंप ने कहा कि रूस एक बहुत बड़ा देश है, जो लाखों सैनिकों के मारे जाने के बावजूद लाखों नए सैनिक मैदान में उतार सकता है, जबकि यूक्रेन के पास इतनी शक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि भले ही अमेरिका ने यूक्रेन को दुनिया के कुछ बेहतरीन सैन्य उपकरण दिए हैं, लेकिन शांति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं और चुनाव बहुत जरूरी हैं।
Updated on:
16 Oct 2026 07:48 am
Published on:
16 Oct 2026 07:47 am
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