
Donald Trump
Donald Trump: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump) ने ऐलान किया कि वह अमेरिका में अवैध प्रवासियों ( illegal immigration) और मादक पदार्थों ( drug trafficking) का प्रवाह रोकने के लिए कनाडा और मेक्सिको से आने वाले सभी उत्पादों पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगाएंगे। साथ ही चीन ने अमेरिका में आ रहे फेंटेनाइल (fentanyl) को रोकने के लिए निर्णायक कार्रवाई नहीं की तो वह चीन से आने वाले सामानों पर मौजूदा दरों के अलावा 10 प्रतिशत का टैरिफ ( tariffs) लगा देंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ' पर घोषणा की कि 20 जनवरी को राष्ट्रपति का पद ग्रहण करने के बाद सबसे पहले इन तीन देशों पर शुल्क लगाने वाले आदेशों पर हस्ताक्षर करेंगे।
उन्होंने कहा, सभी जानते हैं, हजारों लोग मेक्सिको और कनाडा से होकर अमेरिका आ रहे हैं और अपने साथ कई अपराध और मादक पदार्थ ला रहे हैं। अभी मेक्सिको से आ रहा हजारों लोगों का कारवां हमारी वर्तमान खुली सीमा से होकर आता है। उन्होंने कहा, यह शुल्क तब तक लागू रहेगा जब तक मादक पदार्थ खासकर फेंटानिल और सभी अवैध विदेशी हमारे देश में यह सब करना बंद नहीं कर देते। ध्यान रहे कि अधिकतर भारतीय कनाडा जाते हैं।
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ( CDC) फेंटेनाइल को एक शक्तिशाली सिंथेटिक ओपियोइड के रूप में उल्लेख किया है, जिसका उपयोग सर्जरी या गंभीर दर्द के इलाज के लिए किया जा सकता है। सीडीसी के अनुसार, साल 2022 में लगभग 74 हजार ड्रग ओवरडोज मौतों में सिंथेटिक ओपियोइड (मेथाडोन के अलावा) शामिल थे।
ताजा अनुमानों के अनुसार, अमेरिका में कुल भारतीय जनसंख्या लगभग 4.6 मिलियन है, जिसमें वैध और अवैध दोनों प्रकार के प्रवासी शामिल हैं।पीयू रिसर्च सेंटर जैसे संगठनों के अनुसार, अमेरिका में अवैध भारतीय प्रवासियों की संख्या लगभग 500,000 से 600,000 के बीच हो सकती है। यह संख्या उन लोगों का प्रतिनिधित्व करती है जिन्होंने अपनी वीजा अवधि समाप्त होने के बाद या बिना दस्तावेज़ के अमेरिका में प्रवेश किया।
वीज़ा की अवधि समाप्त होना: अमेरिका में अवैध भारतीय प्रवासियों का एक बड़ा हिस्सा विभिन्न प्रकार की वीजाओं पर अमेरिका में आता है, जैसे छात्र वीजा (F-1), कार्य वीजा (H-1B), और पर्यटक वीजा (B-1/B-2)। इनमें से कई लोग अपनी वीजा अवधि समाप्त होने के बाद अवैध हो जाते हैं।
H-1B वीजा: भारत H-1B वीजा धारकों का सबसे बड़ा स्रोत है। 2020 में लगभग 70% H-1B वीजा धारक भारत से थे। इन कार्यकर्ताओं में से कुछ अंततः वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद अवैध हो जाते हैं, जो अवैध प्रवासी जनसंख्या का हिस्सा बनते हैं।
सीमा पार करना और अवैध प्रवेश: जबकि अधिकतर भारतीय प्रवासी हवाई मार्ग से अमेरिका आते हैं, कुछ लोग अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करते हैं, अक्सर अमेरिकी-मेक्सिको सीमा के रास्ते।
परिवार और रोजगार आधारित प्रवासन: कुछ अवैध प्रवासी वे हैं जो परिवार आधारित वीजा पर अमेरिका में पहुंचते हैं, लेकिन अपनी वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद वे अवैध हो जाते हैं।
रोजगार के अवसर: अमेरिका में बेहतर आर्थिक संभावनाएं हैं, विशेष रूप से तकनीकी, स्वास्थ्य देखभाल, और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में, जो कई भारतीयों को काम या शिक्षा के अवसरों की तलाश में आकर्षित करते हैं। भारतीय छात्र अक्सर उच्च शिक्षा के लिए छात्र वीजा पर अमेरिका आते हैं। स्नातक होने के बाद, कई लोग अपनी स्थिति को वैध बनाने में असमर्थ रहते हैं, खासकर यदि उनके नियोक्ता उन्हें H-1B वीजा के लिए प्रायोजित नहीं कर पाते या वे आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाते। कई भारतीय प्रवासी वैध रूप से परिवार आधारित वीजा पर अमेरिका पहुंचते हैं, लेकिन फिर अपनी स्थिति समाप्त होने के बाद अवैध हो जाते हैं।
Updated on:
27 Nov 2024, 11:58 AM IST
Published on:
27 Nov 2024, 11:57 AM IST
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