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Donald Trump: ट्रंप नीतियों के खिलाफ अमरीका में उबाल, बड़े पैमाने पर ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन

पहली बार राष्ट्रव्यापी 'नो किंग्स' प्रदर्शन पिछले जून में ट्रंप के 79वें जन्मदिन पर हुए थे, जो वाशिंगटन में आयोजित सैन्य परेड के साथ ही हुए थे।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 29, 2026

Donald Trump

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Donald Trump: अमरीका में 'नो किंग्स' प्रदर्शनों के तहत शनिवार को डॉनल्ड ट्रंप के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हुए। आयोजकों के अनुसार 3,000 से अधिक रैलियां वाशिंगटन डीसी, अटलांटा, सेंट पॉल सहित प्रमुख शहरों, उपनगरों और ग्रामीण इलाकों में आयोजित की गईं। लाखों लोग ट्रंप की कथित सत्तावादी नीतियों, कानूनों के उल्लंघन और ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध के विरोध में सड़कों पर उतरे। जनवरी 2025 में दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद यह तीसरा बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन है, जिसकी गूंज यूरोप के एम्स्टर्डम, मैड्रिड और रोम तक सुनाई दी।

पहली बार राष्ट्रव्यापी 'नो किंग्स' प्रदर्शन पिछले जून में ट्रंप के 79वें जन्मदिन पर हुए थे, जो वाशिंगटन में आयोजित सैन्य परेड के साथ ही हुए थे। न्यूयॉर्क से सैन फ्रांसिस्को तक लाखों लोग सड़कों पर उतरे थे। अक्टूबर में हुए दूसरे विरोध में आयोजकों के अनुसार करीब 70 लाख लोगों ने भाग लिया था।

सऊदी क्राउन प्रिंस पर विवादित टिप्पणी


हाल ही में सऊदी निवेश मंच पर ट्रंप ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पर टिप्पणी कर असहज स्थिति पैदा कर दी। ट्रंप ने कहा कि अधिकारियों को क्राउन प्रिंस से कहना चाहिए कि वह उनके प्रति 'अच्छा व्यवहार' करें। इसके बाद उन्होंने एक अभद्र टिप्पणी करते हुए संकेत दिया कि सऊदी नेता ने उन्हें पहले कम आंका था। उन्होंने कहा कि क्राउन प्रिंस ने पहले अमरीका को 'मरा हुआ देश' बताया था, लेकिन अब उसे 'दुनिया का सबसे गर्म देश' मान रहे हैं। ट्रंप ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अब उन्हें उनके प्रति 'अच्छा व्यवहार' करना पड़ रहा है। हालांकि बाद में उन्होंने प्रिंस को 'स्मार्ट' बताते हुए संबंधों को सकारात्मक बताया।

क्यूबा पर भी सख्त रुख


ईरान पर हमलों के बीच ट्रंप ने क्यूबा को लेकर भी कड़ा संकेत दिया और कहा कि अगला नंबर क्यूबा का है। इस बयान ने नई चिंता पैदा कर दी है। वहीं अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा की आर्थिक व्यवस्था को विफल बताते हुए संकट का कारण बताया। गौरतलब है कि 26 मार्च को विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयेसस ने कहा था कि स्वास्थ्य सेवाओं की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए और खासकर क्यूबा के संदर्भ में कभी भी भू-राजनीति, ऊर्जा नाकेबंदी या बिजली कटौती से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि क्यूबा में हालात गंभीर हैं और देश स्वास्थ्य सेवाएं बनाए रखने के लिए जूझ रहा है।