
फोटो में ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (इमेज सोर्स: चैट GPT)
वाशिंगटन. जिनेवा में अमेरिका-ईरान वार्ता में ठोस नतीजा नहीं निकलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान से खुश नहीं हैं और आगे बातचीत हो सकती है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग कायम है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। ईरान पर हमला करने के बारे में पूछने पर ट्रंप ने कहा कि मैं ऐसा नहीं करना चाहता, लेकिन कभी-कभी मजबूरी होती है।
पश्चिम एशिया के खाड़ी क्षेत्र में महत्वपूर्ण सैन्य सामग्रियां जुटा रहा है और अतिरिक्त विमानों और युद्धपोतों को वहां भेजा जा रहा है। अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारियां कर रहा है। उधर, तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सोमवार और मंगलवार को इजरायल की यात्रा करेंगे और वहां गाजा शांति योजना के अलावा क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे। अमेरिका ने इजरायल में अपने दूतावास के नॉन-इमरजेंसी कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वेच्छा से देश छोड़ने की अनुमति दे दी है। अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने कर्मचारियों से कहा कि जो लोग जाना चाहते हैं, वे तुरंत निकल जाएं क्योंकि आने वाले दिनों में उड़ानें मिलेंगी या नहीं, यह साफ नहीं है।
ईरान पर हमले की आशंका से ब्रिटेन ने ईरान से अपने दूतावास के कर्मचारियों को वापस बुला लिया है। ब्रिटिश सरकार ने शुक्रवार को कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति के कारण एहतियातन यह अस्थायी कदम उठाया गया है। तेहरान में ब्रिटिश दूतावास फिलहाल बंद कर दिया गया है। अब यह रिमोटली काम करेगा।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को दो टूक शब्दों में कहा कि यूरेनियम संवर्धन संप्रभु ईरान का अधिकार है। उन्होंने कहा कि हम एनटीपी सदस्य हैं और शांतिपूर्ण न्यूक्लियर एनर्जी, जिसमें संवर्धन शामिल है, का पूरा हक है। अमेरिका ने जीरो संवर्धन की मांग नहीं की, लेकिन ईरान संवर्धन रोकने या सुविधाएं बंद करने को तैयार नहीं है। वार्ता जारी है लेकिन मतभेद बने हुए हैं।
Published on:
28 Feb 2026 05:43 am
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