
यूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी(फोटो-X/@MarioNawfal)
Europe Heatwave: यूरोप इस समय भीषण हीटवेव की चपेट में है। फ्रांस में रिकॉर्डतोड़ गर्मी के कारण पिछले सप्ताह करीब 1,000 अतिरिक्त लोगों की मौत होने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, जर्मनी में दिन और रात दोनों के तापमान ने नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी चरम गर्मी अब पहले की तुलना में कहीं अधिक सामान्य होती जा रही है।
फ्रांस की राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने बताया कि हीटवेव के चरम के दौरान मौतों की संख्या में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुधवार को, जब देश में सबसे अधिक गर्मी पड़ी, उस दिन 1,200 से अधिक लोगों की मौत हुई। इसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को प्रतिदिन 1,400 से ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। इसके मुकाबले अप्रैल और मई में फ्रांस में प्रतिदिन औसतन 900 से 1,000 लोगों की मौत हो रही थी। एजेंसी का अनुमान है कि केवल इन तीन दिनों में ही कम से कम 1,000 अतिरिक्त लोगों की जान गई। हालांकि एजेंसी ने कहा कि घरों में हुई मौतों सहित पूरा डेटा आने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
हीटवेव धीरे-धीरे यूरोप के पूर्वी हिस्सों की ओर बढ़ रही है। जर्मनी में रविवार को सैक्सनी के कुबशुट्स क्षेत्र में रात का तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो नया रिकॉर्ड है। इससे कुछ घंटे पहले सैक्सनी-अनहाल्ट के मॉकर्न-ड्रेविट्ज में दिन का तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जर्मन मौसम सेवा (DWD) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार यह नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। इससे पहले बना रिकॉर्ड भी सिर्फ एक दिन पुराना था।
यूरोप स्थित वैज्ञानिकों के समूह 'वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन' (World Weather Attribution) की हालिया स्टडी में कहा गया है कि पिछले सप्ताह यूरोप में दर्ज रिकॉर्डतोड़ गर्मी और अत्यधिक नमी जलवायु परिवर्तन के बिना संभव नहीं थी। अध्ययन के अनुसार, लगभग 50 वर्ष पहले इस तरह की गर्मी का पड़ना लगभग असंभव था। वहीं आज यह घटना 20 वर्ष पहले की तुलना में करीब 200 गुना अधिक संभावित हो चुकी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण यूरोप में चरम मौसम की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
Updated on:
29 Jun 2026, 5:26 AM IST
Published on:
29 Jun 2026, 5:26 AM IST
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