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पिता की धूम्रपान की लत से बच्चों को हो सकता है डायबिटीज़, रिसर्च का दावा

पुरुषों के धूम्रपान करने का असर उनके बच्चों पर भी पड़ सकता है। हाल ही में सामने आई एक रिसर्च में इससे जुड़ा बड़ा दावा किया गया है।

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भारत

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Tanay Mishra

Mar 17, 2026

Smoking addiction

Smoking addiction (Representational Photo)

अब तक यही माना जाता था कि माँ की जीवनशैली का असर बच्चे की सेहत पर पड़ता है, क्योंकि बच्चे जब माँ के गर्भ में होते हैं, उस समय माँ की जीवनशैली का असर गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर पड़ता है। लेकिन एक नई रिसर्च में एक चौंकाने वाला दावा किया गया है। इस रिसर्च में दावा किया गया है कि जो पुरुष निकोटीन यानी बीड़ी, सिगरेट या तंबाकू का ज़्यादा सेवन करते हैं, उनके बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज़ होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

कम उम्र में हो सकती है डायबिटीज़

वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए प्रयोग से निष्कर्ष निकाला है कि निकोटीन के सेवन से डीएनए और स्पर्म की संरचना में कुछ ऐसे बदलाव आते हैं जो आने वाली पीढ़ी के मेटाबॉलिज़्म को खराब कर सकते हैं। अगर कोई शख्स धूम्रपान का आदी है तो उसके बच्चे में इंसुलिन का स्तर गड़बड़ा सकता है। ऐसे में उसे कम उम्र में ही डायबिटीज़ जैसी गंभीर बीमारी घेर सकती है।

अगली पीढ़ी के जीन पर असर

रिसर्च के अनुसार निकोटीन का असर फेफड़ों के साथ शरीर के जेनेटिक ढांचे को भी प्रभावित करता है। पिता के शरीर में मौजूद निकोटीन के अंश बच्चों के पैन्क्रियाज़ की कार्यक्षमता को कमजोर कर देते हैं। इससे भविष्य में डायबिटीज़ की आशंका बढ़ती है। निकोटीन के प्रभाव के कारण बच्चों में मोटापे और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बचपन से ही पनपने लगती है।

बचाव के लिए जीवनशैली बदलें

वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए पुरुषों को निकोटीन से पूरी तरह दूरी बनाना चाहिए। स्वस्थ खान-पान और नशामुक्त जीवन ही संतानों को डायबिटीज़ जैसी बीमारियों से बचा सकता है।