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Manjit Singh Bedi : अमरीका की FBI की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में भारतीय मूल का शख्स, जानिए कौन है मंजीत सिंह बेदी

FBI Most Wanted Fraudsters: अमरीकी जांच एजेंसी FBI ने भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ सूची में शामिल किया है। बेदी पर SNAP योजना में धोखाधड़ी कर अमरीकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
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भारत

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kamlesh sharma

Sep 04, 2026

FBI

FBI (Xinhua/Liu Jie/IANS)

वॉशिंगटन। अमरीका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को अपनी मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में शामिल किया है। बेदी पर अमरीकी सरकार के वेलफेयर प्रोग्राम में धोखाधड़ी कर कम से कम 6 लाख डॉलर (करीब 5 करोड़ रुपए) की हेराफेरी करने का आरोप है। FBI के मुताबिक, यह कथित धोखाधड़ी मार्च 2024 से जून 2025 के बीच की गई। एफबीआई ने बेदी की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि की दिशा में मदद करने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति को 1.50 लाख डॉलर (करीब 1.25 करोड़ रुपए) तक का इनाम देने की घोषणा की है। एजेंसी के अनुसार, बेदी अमरीका से भागकर भारत पहुंच गया है।

टैकोमा में चलाता था किराना स्टोर

एफबीआई के मुताबिक, मंजीत सिंह बेदी वॉशिंगटन के टैकोमा शहर में एशियन ग्रोसरी स्टोर नाम से एक छोटी किराना दुकान चलाता था। आरोप है कि उसकी दुकान पर सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) के लाभार्थी अपने EBT कार्ड के जरिए खाद्य सामग्री खरीदते थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि बेदी ने इस व्यवस्था का गलत इस्तेमाल किया। वह कथित तौर पर लाभार्थियों के EBT कार्ड स्वाइप कर उनके खाते से मिलने वाले लाभ के बदले उन्हें नकद राशि देता था। इसके बाद वह इस रकम का करीब आधा हिस्सा अपने पास रख लेता था।

वायर फ्रॉड और एसएनएपी धोखाधड़ी का आरोप

अमरीकी अधिकारियों ने बेदी के खिलाफ वायर फ्रॉड और एसएनएपी बेनिफिट्स फ्रॉड के मामले में आरोप तय किए थे। एफबीआई के अनुसार, शुरुआत में उसे गिरफ्तार किए बिना अदालत में पेश होने की अनुमति दी गई थी। अदालत ने उसका पासपोर्ट जमा कराने और वॉशिंगटन राज्य से बाहर नहीं जाने का आदेश दिया था।

हालांकि, आरोप है कि बेदी जल्द ही कार से कनाडा की सीमा पार कर गया और वहां से भारत फरार हो गया। इस मामले में मई 2026 में अमरीकी जिला अदालत के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वॉशिंगटन ने उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया।

एफबीआई ने जून में शुरू की थी मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची

अमरीकी नागरिकों से धोखाधड़ी करने के आरोपियों की तलाश के लिए एफबीआई ने इस साल जून में मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची शुरू की थी। एजेंसी के मुताबिक, इसका उद्देश्य ऐसे आरोपियों की पहचान करना और उनके बारे में आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। फिलहाल इस सूची में बेदी समेत 12 लोग शामिल हैं। एफबीआई के अनुसार, सूची में पहले शामिल किए गए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उन्हें सूची से हटा दिया गया है।

अमरीकी कृषि विभाग के इंस्पेक्टर जनरल जॉन वॉक ने कहा कि एफबीआई की यह सूची फरार आरोपियों को पकड़ने और अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में जनता की मदद हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

भारत-अमरीका के बीच बढ़ा कानून प्रवर्तन सहयोग

एफबीआई ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि मंजीत सिंह बेदी के मामले में भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से औपचारिक सहयोग मांगा गया है या नहीं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमरीका के बीच कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। जुलाई में भारत ने ऑपरेशन हार्डबॉल की घोषणा का स्वागत किया था।

इस अभियान के तहत बिश्नोई, भगवानपुरिया और धंधा संगठित अपराध गिरोहों से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस समय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत और अमरीका के बीच आतंकवाद के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के लिए मजबूत और लगातार बढ़ता सहयोग है। दोनों देशों की एजेंसियां वर्षों से मिलकर काम कर रही हैं और यह सहयोग लगातार गहरा हो रहा है।