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UK Visa New Rules: बॉस ने किया परेशान तो छोड़ सकते हैं नौकरी! UK के नए Visa Rule से भारतीयों को बड़ा फायदा

UK Visa Rules for Indian Workers: ब्रिटेन के नए कदम से आधुनिक गुलामी या मानव तस्करी के पीड़ित माने गए कामगार नौकरी बदल सकेंगे। लेकिन हर कर्मचारी को यह सुविधा अपने-आप नहीं मिलेगी इसके लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी जांच और औपचारिक फैसला जरूरी होगा।
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 04, 2026

UK Skilled Worker Visa Rules:

UK Skilled Worker Visa Rules: :भारतीयों के लिए ब्रिटेन वीजा की नई खबर (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

UK Skilled Worker Visa Rules: ब्रिटेन में नौकरी के साथ बंधी वीजा की मजबूरी अब शोषण झेल रहे प्रवासी कर्मचारियों के लिए कुछ कम होने जा रही है। ब्रिटिश सरकार ने ऐसे विदेशी कामगारों के लिए अहम राहत का ऐलान किया है, जिन्हें उनके नियोक्ता ने कम वेतन, ज्यादा काम या दूसरी तरह के शोषण में फंसा रखा है। खास तौर पर भारतीयों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि हेल्थकेयर, केयर और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं।

UK Visa New Rules: क्या बदलेगा ब्रिटेन में?

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने 3 सितंबर को घोषणा की कि शोषण का शिकार साबित होने वाले कुछ स्पॉन्सर्ड वर्कर अपने मौजूदा वीजा को गंवाए बिना नया नियोक्ता चुन सकेंगे। यानी अगर किसी कर्मचारी का मौजूदा स्पॉन्सर ही उसके लिए परेशानी का कारण बन गया है, तो परिस्थितियों के आधार पर वह उसी वीजा की बची हुई अवधि में दूसरे नियोक्ता के साथ काम कर सकेगा।

यह बदलाव खास तौर पर Care Workers, Chefs, Hospitality Staff और दूसरे Skilled workers के लिए अहम है। पहले Sponsored Worker का इमिग्रेशन स्टेटस उसके खास नियोक्ता से जुड़ा रहता था। नौकरी छूटने या छोड़ने की स्थिति में नया स्वीकृत स्पॉन्सर जल्दी नहीं मिलने पर उसका ब्रिटेन में रहना मुश्किल हो सकता था।

भारतीयों के लिए सबसे जरूरी बात

नई व्यवस्था का मतलब यह नहीं है कि कोई भी भारतीय कर्मचारी नौकरी छोड़ते ही दूसरे नियोक्ता के पास चला जाएगा। सबसे अहम शर्त है National Referral Mechanism (NRM) के तहत सकारात्मक “Conclusive Grounds” निर्णय।

इस फैसले में संबंधित व्यक्ति को आधुनिक गुलामी या मानव तस्करी का पीड़ित माना जाता है। इसके बाद उसे शोषणकारी नियोक्ता से निकलकर अपने मौजूदा वीजा की शेष अवधि के दौरान दूसरे नियोक्ता के लिए काम करने की अनुमति मिल सकती है।

क्यों पड़ी ऐसी व्यवस्था की जरूरत?

ब्रिटेन में स्पॉन्सर्ड वर्कर को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। कम भुगतान, अत्यधिक काम और असुरक्षित रोजगार व्यवस्था जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। सरकार के अनुसार आपराधिक गतिविधि के सबूत मिलने पर संबंधित नियोक्ताओं को पुलिस के पास भी भेजा जा सकता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, जून 2026 तक के साल में 4,400 से ज्यादा प्रायोजक के लाइसेंस रद्द हुए, जबकि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद यह संख्या 6,600 से अधिक बताई गई है।

यह बदलाव ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन में Skilled Worker Migration भी काफी घटा है। पिछले वर्ष करीब 1.11 लाख Skilled Worker Visas जारी हुए, जो दिसंबर 2023 को दर्ज शिखर से 76% कम हैं। जुलाई 2025 के बाद विदेश से केयर-वर्कर के लिए आवेदन पर रोक भी इस गिरावट की बड़ी वजह बनी।

सरकार का संदेश साफ है वीजा किसी कर्मचारी को शोषणकारी नौकरी में फंसे रहने की मजबूरी नहीं बनना चाहिए। साथ ही, इमिग्रेशन नियमों में आगे और बदलावों के जरिए स्पॉन्सर्ड कर्मचारी के लिए नियोक्ता बदलने की प्रक्रिया आसान बनाने पर भी काम जारी है।