
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस। (Photo- IANS)
US Iran Conflict: पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ रहा है। करीब एक महीने की शांति के बाद एक बार फिर अमेरिका और ईरान आमने-सामने हैं। होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। इसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
इस बीच, बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान सामने आया है। ‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका के सामने सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने साफ किया कि जब तक तेहरान होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, तब तक ईरान के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के साथ अब तेहरान पर आर्थिक मोर्चे पर भी दबाव बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि यूरोपीय संघ (EU) आधिकारिक तौर पर ईरान के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ में शामिल हो गया है। इस अभियान का उद्देश्य ईरान की आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों पर दबाव बढ़ाना है।
बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी शासन वैश्विक वित्तीय व्यवस्था का इस्तेमाल अपने परमाणु कार्यक्रम, हथियारों और आतंकवादी संगठनों को वित्तीय मदद देने के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया ईरानी शासन को स्पष्ट संदेश दे रही है कि उसकी बची हुई वित्तीय मदद के सभी रास्ते बंद किए जाने तक दबाव जारी रहेगा।
वहीं, यूरोपीय संघ ने पिछले महीने के अंत में कहा था कि वह ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए अमेरिका, अन्य G7 देशों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करेगा। EU ने तनाव कम करने और पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में योगदान देने की बात भी कही थी। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के साथ यूरोप के आर्थिक दबाव से आने वाले दिनों में तेहरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ सकता है।
Updated on:
4 Sep 2026, 7:10 AM IST
Published on:
4 Sep 2026, 7:07 AM IST
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