
अमेरिका में खतरनाक मांसभक्षी परजीवी न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म। (फोटो: X Handle Dom Lucre Breaker of Narratives.)
Flesh-eating parasite USA: अमेरिका में 40 वर्षों बाद एक खतरनाक मांसभक्षी परजीवी (Flesh-eating parasite USA) ने दुबारा दस्तक दी है। यह मामला मैरीलैंड की एक महिला का है, जो हाल ही में मध्य अमेरिका से लौटी थीं। माना जा रहा है कि वह वहां न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म मक्खी (Cochliomyia hominivorax) के संपर्क में आईं, जिसके बाद उनके शरीर में इस परजीवी का संक्रमण पाया गया। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियों ने पुष्टि की है कि महिला अब पूरी तरह से ठीक हो चुकी हैं। हालांकि यह केस बहुत ही दुर्लभ है, लेकिन विशेषज्ञ इसे बहुत गंभीर मान रहे हैं। वजह साफ है -यह परजीवी इंसान और जानवर दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म (New World Screwworm) एक ऐसी मक्खी है, जो अपने अंडे गर्म खून वाले जीवों के खुले घावों में (Parasite found in US woman) देती है। अंडों से निकले लार्वा घाव के जरिये शरीर के अंदर घुस कर जीवित मांस खाना शुरू कर देते हैं। कुछ ही दिनों में ये कीड़े (Screwworm infection case) गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं और अगर समय पर इलाज न हो, तो मरीज की जान भी जा सकती है।
इस परजीवी का सबसे ज्यादा असर मवेशियों, सूअरों, घोड़ों, कुत्तों और बिल्लियों पर होता है। इंसान भी इसका शिकार हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह परजीवी अमेरिका के दक्षिणी राज्यों, खासकर टेक्सास जैसे इलाकों में फैलता है, तो मवेशी उद्योग को लगभग 1.8 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।
सन 1950 के दशक में अमेरिका ने इस परजीवी से निपटने के लिए एक बड़ी योजना बनाई थी। मक्खियों की संख्या घटाने के लिए बाँझ कीट छोड़े गए, जिससे उनका प्रजनन चक्र टूट गया। अंतिम स्थानीय केस 1982 में दर्ज किया गया था। तब से संक्रमण केवल उन्हीं लोगों में देखा गया, जो प्रभावित देशों से लौटे।
सन 2023 से निकारागुआ और कोस्टा रिका जैसे मध्य अमेरिकी देशों में स्क्रूवर्म के सैकड़ों केस सामने आए हैं। कुछ मामलों में संक्रमित लोगों को सर्जरी तक करानी पड़ी, ताकि लार्वा को मस्तिष्क या अंगों तक नुकसान पहुँचाने से पहले हटाया जा सके। अब विशेषज्ञ डर रहे हैं कि यह परजीवी फिर से अमेरिका में फैल सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खतरनाक परजीवी रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग जरूरी है। संक्रमण के शुरुआती लक्षणों को पहचान कर समय पर इलाज करने की सलाह दी जा रही है।
Updated on:
28 Aug 2025 03:01 pm
Published on:
28 Aug 2025 03:00 pm
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