लोग अक्सर ही भक्ति की राह पर चलते हुए मोहमाया छोड़ देते हैं और ऐसा ही कुछ करोड़ों के व्यापार के मालिक ने भी किया। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
आज के समय में दुनिया दौलत के पीछे भाग रही है। लगभग हर कोई पैसा कमाने की चाह रखता है। लेकिन दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो पैसे को नहीं, बल्कि भक्ति को अहमियत देते हैं और भक्ति की राह पर चलते हुए मोहमाया का त्याग कर देते हैं। ऐसा ही कुछ करोड़ों के व्यापार के मालिक ने भी किया और अपने बिज़नेस को छोड़कर भक्ति की राह चुनी। और यह काम किसी भारतीय बिज़नेसमैन ने नहीं, बल्कि विदेशी बिज़नेसमैन ने किया है।
41 वर्षीय जापानी बिज़नेसमैन होशी ताकायुकी (Hoshi Takayuki) एक समय टोक्यो में 15 ब्यूटी प्रोडक्ट्स कंपनी का मालिक था। लेकिन उसने अपनी ज़िंदगी में बड़ा बदलाव करते हुए अपनी संपत्ति और ऐशो-आराम को त्यागकर हिंदू आध्यात्मिकता और भक्ति की राह चुनी और शिवभक्त बन गया।
होशी ताकायुकी अब 'बाला कुंभा गुरुमुनि' बन गया है और खुद को भगवान की भक्ति में समर्पित कर दिया है। इतना ही नहीं, वह भारत में कांवड़ यात्रा में नंगे पांव शामिल होकर शिवभक्ति में लीन है। अब वह कांवड़ियों के लिए लंगर आयोजित करने और उनके आराम का ध्यान रखने जैसे कार्य करता है। टोक्यो में अपने घर को 'बाला कुंभा गुरुमुनि' ने शिव मंदिर में बदलने का फैसला लिया है और भगवान शिव का एक और मंदिर बनवाने का काम भी शुरू कर दिया है।
'बाला कुंभा गुरुमुनि' ने बताया कि उसे एक सपना आया था कि उसका पिछले जन्म उत्तराखंड में बीता था। उसने खुद को उत्तराखंड के एक गांव में देखा था और उस सपने के बाद उसकी ज़िंदगी बदल गई और उसने भक्ति की राह चुन ली।