
Dogs (Photo - National Geographic)
साउथ कोरिया (South Korea) में लंबे समय से डॉग्स के मांस (Dogs Meat) का काफी सेवन किया जाता रहा है। हालांकि अब ऐसा नहीं होगा। इसकी वजह है साउथ कोरिया में बना नौआ कानून, जिसके बाद अब डॉग्स के मांस के व्यापार पर रोक लगा दी गई है। कानून फरवरी 2027 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। ऐसे में इस कारोबार से जुड़े लोगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
साउथ कोरिया में इस नए कानून के पारित होने के साथ ही यह भी सवाल खड़ा हो गया कि फार्म्स में पाले गए 5 लाख से ज़्यादा डॉग्स का क्या होगा? साउथ कोरिया में डॉग्स को उसी तरह पाला जाता है, जैसे भारत सहित कुछ देशों में मुर्गी पाली जाती हैं।
गैलप कोरिया की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के अन्य देशों की तरह साउथ कोरिया में भी मांसाहार कम हो रहा है। यह बदलाव खास तौर पर युवा पीढ़ी में देखा जा रहा है, जो डॉग्स को पालतू जानवर के रूप में देखते हैं न कि भोजन के रूप में। इसी वजह से डॉग्स के मांस पर रोक लगाने का कानून बनाया गया।
डॉग्स के मांस के व्यापार पर रोक की समय सीमा डेढ़ वर्ष से ज्यादा है, लेकिन फिर भी डॉग्स को पालने वालों के सामने संकट है। उनका कहना है कि इतने डॉग्स का क्या करेंगे? डॉग्स पालने वाले रेवरेंड जू येओंग का कहना है कि वह इन डॉग्स को सस्ते दाम पर इन्हें बेचना चाहते हैं, लेकिन कोई खरीदने को तैयार नहीं।
Updated on:
28 Jun 2025 11:27 am
Published on:
28 Jun 2025 11:21 am
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