
प्रतीकात्मक तस्वीर
Gen Z and Millennial: आज कल सोशल मीडिया के एक खास आयुवर्ग के लोगों को जेन जी और मिलेनियल्स का नाम दिया गया है। इनके नाम से रील्स भी काफी वायरल होती हैं। लेकिन अब सोशल मीडिया के फेमस टर्म असल जिंदगी में एक बड़े खतरे का सामना कर सकते हैँ। जो उनकी जान भी ले सकती है। दरअसल अमेरिका की एक संस्था ने एक रिसर्च तैयार की है जिसमें ये दावा किया गया कि जेन जी और मिलेनियल्स को कैंसर (Cancer) जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा उनकी उम्र से बड़े लोगों के मुकाबले काफी ज्यादा है और तो और ये कैंसर कुछ खास तरह के हैं।
अमेरिकन कैंसर सोसायटी के शोधकर्ताओं ने शोध में इस बात का खुलासा किया है। शोध के दौरान 34 सबसे आम तरह के कैंसर का अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि कम उम्र की पीढिय़ों में स्तन, (Breast Cancer) अग्नाशय और पेट सहित 17 तरह के कैंसर का खतरा लगातार बढ़ रहा हैं। ये शोध लैंसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन में 1 जनवरी, 2000 से 31 दिसंबर, 2019 के बीच 34 तरह के कैंसर से पीडि़त 2.30 करोड़ से ज्यादा मरीजों का डेटा इस्तेमाल किया गया। इसी दौरान 25 तरह के कैंसर से होने वाली 70 लाख से अधिक मौतों का डेटा भी देखा गया। अध्ययन में शामिल रोगी 25 से 84 साल की उम्र के थे। इसके बाद शोधकर्ताओं ने हर जन्म समूह के लिए उम्र और समय के प्रभाव को हटाकर किसी घटना की दरों की तुलना की। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि उम्र या समय के चलने के अलावा सिर्फ जन्म समूह का प्रभाव उस घटना की दर पर कितना पड़ा है।
शोध में पाया गया कि 1990 में पैदा हुए सबसे युवा जन्म समूह में कुछ प्रकार के कैंसर होने का खतरा सबसे ज्यादा पाया गया है। इस समूह के लोगों को सबसे कम खतरे वाले समूह के लोगों की तुलना में अंडाशय का कैंसर 12 प्रतिशत अधिक और गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर 169 प्रतिशत अधिक पाया गया। साथ ही 1990 वाले समूह में 1955 वाले समूह की तुलना में अग्नाशयी, गुर्दा और छोटी आंत के कैंसर होने की संभावना भी दो से तीन गुना अधिक पाई गई।
मिलेनियल्स उन लोगों को कहा गया है जो 1981 से 1996 के बीच में जन्मे हैं। वहीं जेन ज़ी वो लोग हैं जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है।
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Updated on:
02 Aug 2024 10:38 am
Published on:
02 Aug 2024 10:36 am
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