विक्टर ओरबान पर भ्रष्टाचार, पक्षपात, मीडिया और न्यायपालिका पर नियंत्रण तथा यूरोपीय संघ से दूरी बनाने के आरोप लगते रहे। जनता में इन मुद्दों को लेकर गहरी नाराजगी थी। चुनाव रिजल्ट के बाद विक्टर ओरबान ने नतीजों को साफ लेकिन दर्दनाक बताया। उन्होंने हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजे स्पष्ट हैं, लेकिन यह दर्दनाक है।