नेपाल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि अगर कर्मचारियों के हाथ में हर पखवाड़े पैसा आएगा तो उनका खर्च बढ़ेगा, बाजार में पैसों का प्रवाह तेज होगा और स्थानीय व्यापार को फायदा पहुंचेगा। विशेषकर छोटे दुकानदार, किराना स्टोर और सेवा क्षेत्र को इससे सीधा लाभ होने की उम्मीद है। दुनिया के ज्यादातर देशों में सरकारी कर्मचारियों को अभी भी महीने में सिर्फ एक बार ही सैलरी दी जाती है। दक्षिण एशिया के पड़ोसी देशों- भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव में भी महीने में एक बार सैलरी देने की व्यवस्था है। नेपाल इस मामले में पूरे क्षेत्र में पहला देश बन गया है, जो सरकारी वेतन को एक महीने में 2 बार देने जा रहा है।