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क्या ईरान को ज्यादा रियायतें दे रहा है अमेरिका? खाड़ी देशों की चिंता पर मार्को रुबियो ने दिया भरोसा

Marco Rubio to Gulf countries: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खाड़ी देशों को ईरान समझौते पर भरोसा दिलाया, खाड़ी सहयोगियों की सुरक्षा और हितों को प्राथमिकता देने का वादा, होर्मुज स्ट्रेट और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी चर्चा, ट्रंप प्रशासन के प्रारंभिक समझौते को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच बयान
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Marco Rubio reassures Gulf allies on Iran deal.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Photo- IANS)

Marco Rubio on US-Iran Deal: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को खाड़ी देशों के सहयोगियों को बताया कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। वे ट्रंप प्रशासन के उस प्रारंभिक समझौते को क्षेत्रीय साझेदारों के सामने रखने के लिए मध्य पूर्व दौरे पर थे, जिसे लेकर ये देश पहले से ही संदेह में हैं।

बहरीन में खाड़ी अरब देशों के विदेश मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक में मार्को रुबियो ने कहा कि वॉशिंगटन ईरान के साथ लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म कर स्थायी शांति चाहता है। अमेरिका की ओर से उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसा कोई समझौता नहीं होगा, जो उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा और समृद्धि को कमजोर करे। आपको बता दें कि खाड़ी अरब देशों को चिंता है कि यह समझौता ईरान के प्रति बहुत नरम हो सकता है, विशेषकर उस युद्ध के बाद, जिसमें ईरान ने उन पर हमले किए थे।

'होर्मुज स्ट्रेट में शुल्क स्वीकार नहीं'

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए कहा, 'सच्चाई यह है कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के उपयोग पर शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है और यह किसी भी समझौते की स्वीकार्य शर्त नहीं होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट हैं।'

उन्होंने माना कि उनका मिशन चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि खाड़ी अरब देश इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ईरान को बहुत अधिक रियायतें देने से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और तेल आपूर्ति व्यवस्था बदल सकती है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने यूएई और कुवैत में हुई अपनी पिछली बैठकों में भी भरोसा दिलाया कि प्रस्तावित समझौता ईरान के पक्ष में अत्यधिक झुका हुआ नहीं है। उन्होंने कुवैत में मीडिया से बातचीत में कहा, 'हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे, जो हमारे सहयोगियों और क्षेत्र में हमारे लंबे समय से साझेदार देशों की सुरक्षा को कमजोर करे।'

समझौते की शर्तों पर अलग-अलग दावे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान ने अनिश्चितकाल तक परमाणु निरीक्षणों की अनुमति देने पर सहमति जताई है। वहीं, तेहरान ने बातचीत में ऐसी किसी भी रियायत से साफ इनकार किया है। ऐसे में इस नाजुक शांति समझौते की व्यवहारिकता पर सवाल उठ रहे हैं।

स्विट्ज़रलैंड में सोमवार को हुई वार्ता के पहले दौर के बाद दोनों देशों ने वित्तीय प्रोत्साहनों, होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण और लेबनान में इज़राइल के समानांतर युद्ध जैसे मुद्दों पर भी अलग-अलग दावे किए हैं।