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कांगो में इबोला का खतरा: पैसे की तंगी के कारण कब तक बेहाल रहेंगे मरीज ? WHO को रोग कम होने की उम्मीद

Ebola Outbreak Congo: कांगो के कासाई प्रांत में इबोला के मामले घट रहे हैं, लेकिन फंडिंग और लॉजिस्टिक समस्याएं कायम है। डब्ल्यूएचओ ने 8,000 से ज्यादा को वैक्सीन देकर उम्मीद जताई है।

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भारत

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MI Zahir

Oct 03, 2025

Ebola Outbreak Congo

कांगो में इबोला का खतरा। (फोटो: फोटो:X-Handle Tedros Adhanom Ghebreyesus)

Ebola Outbreak Congo: कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के कासाई प्रांत में इबोला वायरस का प्रकोप अब नियंत्रण की ओर बढ़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती 30 दिनों में नए मामलों की संख्या घटने लगी है। यह अच्छा संकेत है कि हमारी कोशिशें असर दिखा रही हैं। लेकिन पैसे की कमी और सड़क-तरीके की दिक्कतें अभी भी काम रोक रही हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर कदम उठाने से महामारी को रोका जा सकता है। अब तक कुल 64 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 42 लोगों की मौत हो गई। अच्छी बात यह है कि 12 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। कांगो सरकार ने 4 सितंबर को इस महामारी की घोषणा की थी। यह देश का 16वां इबोला प्रकोप है, जो 1976 में पहली बार सामने आया था। डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय कार्यालय ने कहा कि अब तक 8,000 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी, मरीजों के संपर्क वाले लोग और उनके परिवारों को वैक्सीन दी जा चुकी है। एक नई मुहिम में 19 इलाकों में 18,000 डोज बांटी जाएंगी, ताकि खतरे वाले इलाकों में फैलाव रुके।

पहले के मुकाबले यहां समुदाय का साथ मिल रहा

पिछले तीन हफ्तों के आंकड़े दिखाते हैं कि मामले कम हो रहे हैं, लेकिन सतर्कता जरूरी है। डब्ल्यूएचओ के इबोला प्रबंधक मोरी केइता ने इसे "खास" प्रकोप बताया। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले यहां समुदाय का साथ मिल रहा है। गांव के सरदार खुद वैक्सीन मांग रहे हैं, जिससे काम तेजी से हो रहा है। कोई विरोध नहीं हो रहा, जो बड़ी राहत है। लेकिन चुनौतियां खत्म नहीं हुईं। सड़कें खराब हैं, इसलिए दवाइयां और वैक्सीन पहुंचाना बहुत मुश्किल है।

बिना पैसे के रुक सकता है काम

फंडिंग की कमी सबसे बड़ी समस्या है। 20 मिलियन डॉलर के लक्ष्य में सिर्फ 21 फीसदी ही जुट पाया है। डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय इमरजेंसी निदेशक पैट्रिक अबोक ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पड़ोसी देशों में तैयारियों के लिए 66 मिलियन डॉलर और चाहिए। बिना पैसे के काम रुक सकता है। कांगो ने आखिरी बार सितंबर 2022 में पूर्वी प्रांत नॉर्थ किवू में इबोला खत्म होने की घोषणा की थी।

जल्द खत्म हो सकता है यह प्रकोप

बहरहाल खतरनाक बुखार इबोला तेजी से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, उल्टी, दस्त, दर्द और खून बहना शामिल है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, जल्दी पहचान और इलाज से इसे रोका जा सकता है। कांगो जैसे देशों में स्वास्थ्य सुविधाएं कमजोर हैं, इसलिए वैश्विक मदद जरूरी। अगर फंडिंग मिली, तो यह प्रकोप जल्द खत्म हो सकता है। लेकिन अभी सतर्क रहना होगा। (IANS)