
सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट में भारत के फंसे हैं जहाज। (Photo-IANS)
Hormuz strait: मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा के बाद भारत ने होर्मुज में फंसे अपने तेल और गैस के जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए तेहरान से संपर्क साधा है। इस दौरान भारत सरकार ने सीजफायर का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी।
उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हम घोषित युद्धविराम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में कदम होगा। जैसा कि हम पहले ही कह चुके हैं, वार्ता और कूटनीति ही संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के लिए आवश्यक हैं। इस दौरान भारत ने उम्मीद जताई कि होर्मुज स्ट्रेट से नौवहन की स्वतंत्रता बनी रहेगी और वैश्विक व्यापार पर इसका सामान्य प्रभाव रहेगा।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद भारत को ऊर्जा संकट के समाधान की उम्मीद जगी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में भारत के 16 जहाज फंसे हैं, जिनमें अधिकांश तेल और गैस के हैं। इन जहाजों में 2 लाख टन से अधिक एलपीजी है, जिसकी भारत को सख्त जरूरत है। इन जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए भारत ईरान से लगातार संपर्क बनाए हुए है। आपको बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी प्रकार की अस्थिरता भारत की ऊर्जा और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए खतरा बन सकती है।
ईरान और अमेरिका के सीजफायर के बावजूद कई खाड़ी देशों ने हमलों की सूचना दी है। अल-जजीरा के मुताबिक, यूएई ने कहा है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम उनकी मिसाइलों और ड्रोन का मुकाबला कर रहे हैं।
कुवैत ने भी ड्रोन हमले की पुष्टि की है। कुवैत की सेना ने बताया कि कुछ ड्रोन महत्वपूर्ण तेल सुविधाओं, बिजली स्टेशनों और जल संयंत्रों को निशाना बना रहे थे, जिससे बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा।
बहरीन से भी हमलों की सूचना है, जिसमें दो लोग घायल हुए हैं। ये हमले अमेरिका और ईरान के सीजफायर के बाद हुए। बहरीन की राजधानी मनामा में भी धमाके की आवाज सुनी गई।
Updated on:
08 Apr 2026 05:26 pm
Published on:
08 Apr 2026 05:23 pm
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