24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चीन की हिमाकत, अरुणाचल प्रदेश के कुछ जगहों का नाम बदला, भारतीय विदेश मंत्रालय का करारा जवाब

India vs china on Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों का नाम बदलने पर भारत की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और रहेगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Satya Brat Tripathi

•

Updated: 12 Apr 2026, 6:27 PM IST

pm modi and xi jinping

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Photo - IANS)

MEA India Rejects China Claim on Arunachal Pradesh: चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों का नाम बदलने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस तरह के प्रयास को भ्रामक और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया गया है। भारत की तरफ से कहा गया है कि चीन की तरफ से किया गया यह कदम गलत और बिना आधार का है। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है और रहेगा। चीन के किसी तरह के नाम बदलने और या झूठे दावे करने से हकीकत नहीं बदलती है। इस दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने क्या कहा?

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चीन द्वारा नाम बदले जाने के सवाल पर कहा, "भारत, चीन द्वारा भारत की भूमि के हिस्से वाले स्थानों को मनगढ़ंत नाम देने के किसी भी शरारती प्रयास को स्पष्ट रूप से खारिज करता है। चीन द्वारा झूठे दावे पेश करने और निराधार बातें गढ़ने के ऐसे प्रयास इस निर्विवाद वास्तविकता को नहीं बदल सकते कि अरुणाचल प्रदेश सहित ये स्थान और क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे।

भारत ने दी चेतावनी

क्षेत्रीय कूटनीति पर व्यापक प्रभाव का जिक्र करते हुए जायसवाल ने चेतावनी दी कि बीजिंग की ऐसी एकतरफा कार्रवाइयां कूटनीतिक चैनलों में हुई प्रगति को बाधित कर सकती हैं। प्रवक्ता ने कहा, 'चीनी पक्ष की ये कार्रवाइयां भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और सामान्य बनाने के चल रहे प्रयासों को कमजोर करती हैं। चीन को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जो संबंधों में नकारात्मकता पैदा करते हैं और बेहतर समझ बनाने के प्रयासों को नुकसान पहुंचाते हैं।'

बता दें कि यह राजनयिक प्रतिक्रिया लद्दाख में क्षेत्रीय विवादों को लेकर जारी तनाव के बीच आई है, जहां बीजिंग ने अफगानिस्तान और पीओके की सीमाओं के पास स्थित शिनजियांग क्षेत्र में एक नया प्रशासनिक प्रभाग स्थापित किया है।

चीन ऐसा क्यों करता है?

चीन अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा नहीं मानता है। वह इसे दक्षिण तिब्बत कहता है और अपना हिस्सा बताता है। अपने इसी दावे को मजबूत करने के लिए चीन की तरफ से अरुणाचल के इलाकों, नदियों, गांवों को चीनी या तिब्बती नाम देता रहता है। यह पहली बार नहीं है, बल्कि चीन की तरफ से ऐसा कई बार किया जा चुका है।