2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश के पहले प्राइवेट सैटेलाइट से भारत अंतरिक्ष से करेगा धरती के चप्पे-चप्पे की निगरानी, अमरीका में किया गया लॉन्च

धरती की निगरानी करने वाला भारत का ये (TSATT-1A) पहला निजी उपग्रह है जिसे देश और दुनिया की प्रतिष्ठित टाटा कंपनी ने असेंबल (जोड़ा) है। इसे एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने अमेरिका में लॉन्च किया गया है।

2 min read
Google source verification
India's sub meter optical satellite launched in America

India's sub meter optical satellite launched in America

अभी तक संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ही अपने निजी सैटेलाइट से ताबड़तोड़ अंतरिक्ष का दुनिया में डंका बजा रहा था लेकिन अब अमरीका को टक्कर देने के लिए भारत खड़ा हो गया है। दरअसल भारत ने अपना पहला प्राइवेट उपग्रह सब मीटर ऑप्टिकल सैटेलाइट को लॉन्च किया है। ये सैटेलाइट देश-दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनी टाटा (TATA) ने अेंसबल किया है और इसे एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स (SpaceX) ने अमरीका में लॉन्च किया है। भारत के एयरोस्पेस और रक्षा उत्पाद निर्माण करने वाली कंपनी टाटा एडवांस्ड लिमिटेड (TASL) की तरफ से असेंबल किए TSATT-1A उपग्रह को अमरीका के स्पेसएक्स के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया। सैटेलाइट की असेंबलिंग TASL की कर्नाटक यूनिट में हुआ।

भारत का पहला निजी सैटेलाइट

TASL के CEO सुकरन सिंह ने बताया कि अमरीकी SATL के सहयोग से ये उपलब्धि हासिल हुई है। इससे पहले भारत की स्पेस एजेंसी ISRO ने कई हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले धरती पर निगरानी रखने वाले उपग्रह लॉन्च किए हैं लेकिन ये भारत में निजी क्षेत्र का पहला सब-मीटर हाई-रिज़ॉल्यूशन पृथ्वी का निगरानी करने वाला उपग्रह है।

क्या है सैटेलाइट की खूबी

1- भारत के इस उपग्रह से हाई रिजोल्यूशन वाली ऑप्टिकल क्वालिटी की इमेज मिलेंगी जो धरती के निरीक्षण के डेटा को इकट्ठा करने में मदद करेगी।

2- भारत का ये निजी सेटेलाइट TSAT-1A अपनी मल्टीस्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल क्षमताओं के जरिए जो फोटो भेजेगा उससे भविष्य में भारतीय सशस्त्र बलों को काफी फायदा पहुंचेगा।

3- इस सैटेलाइट में लगभग 0.5-0.8-मीटर रिज़ॉल्यूशन है, जिसे सॉफ़्टवेयर के जरिए0.5 से 0.6-मीटर सुपर रिज़ॉल्यूशन तक बढ़ाया जा सकता है। ये धरती की निचली कक्षा में है और इसका वजन 50 किलोग्राम से कम है।

भारत सरकार को दिया धन्यवाद

सुकरन सिंह ने बताया कि "इस सैटेलाइट (TSAT-1A) की लॉन्चिंग भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए TASL की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये हमारा पहला कदम है। सैटेलॉजिक के साथ हमारी साझेदारी ने भारत में इसे असेंबल किया गया और फिर परीक्षण हुआ। हमने पूरी कोशिश कर अपनी श्रेणी का सर्वश्रेष्ठ, सब-मीटर ऑप्टिकल उपग्रह बनाया है। जिसे एलन मस्क (Elon Musk) की स्पेसएक्स ने लॉन्च किया। इसके अलावा हम इस काम के लिए उन सभी कामों के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देते हैं जिन्हें करने के लिए उन्होंने हमें परमिशन दी। अनुमतियों के लिए विभिन्न भारतीय सरकारी अधिकारियों से मिले समर्थन के लिए आभारी हैं।

ये भी पढ़ें- पृथ्वी और मंगल का करोड़ों साल पुराना है कनेक्शन, समंदर की हलचल की बड़ी वजह