
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताय कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 2025 के दौरान आठ बार फोन पर बातचीत हुई (AI Generated Image)
India US Trade Deal: अमेरिका से टैरिफ तनातनी और व्यापार समझौते को लेकर भारत के राष्ट्रीय हितों पर अडिग रुख और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के झूठे अहंकार की परतें खुल रही हैं। अमरीकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के ताजा बयान से यह साबित हो गया कि ट्रंप प्रशासन व्यापार वार्ता में जमीनी हकीकत के बजाय 'ईगो' को तरजीह दे रहा है। उधर, ट्रंप की नई धमकियों के बीच अमेरिका से टैरिफ तनातनी के बीच भारत में शेयर बाजार का गिरना जारी है तो ट्रंप के नए घमंडी बयान दुनिया के सामने आते जा रहे हैं।
अंमेरिकी वाणिज्य मंत्री लटनिक ने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि व्यापार वार्ता के शुरुआती दौर में ही भारत से द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर लगभग सहमति बन चुकी थी और उन्होंने आग्रह किया था कि भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रपति ट्रंप को फोन करवाना होगा। लटनिक ने दावा किया कि भारत के असहज महसूस करने के कारण मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया। बाद में समझौते में भारत अन्य देशों से पीछे होता गया। लटनिक के दावे व टिप्पणियाें को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि चर्चाओं का जो विवरण दिया गया है वह ठीक नहीं है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 2025 के दौरान आठ बार फोन पर बातचीत हुई, जिसमें हमारी व्यापक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। भारत अभी भी अमरीका के साथ ट्रेड डील करने को उत्सुक है। दोनों देश पिछले साल 13 फरवरी से ही बीटीए पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे। तब से दोनों पक्षों ने एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है। कई मौकों पर हम समझौते के बहुत करीब रहे हैं। हम दो पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं और इसे पूरा करने की उम्मीद करते हैं।
रूस से तेल खरीद पर अमरीकी सीनेट में 500% अमरीकी टैरिफ वाले नए विधेयक पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं। ऊर्जा खरीद पर जायसवाल ने दोहराया कि हम वैश्विक बाजार के बदलते डायनामिक्स और अपने 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अलग-अलग सोर्स से सस्ती एनर्जी हासिल करने की जरूरत से गाइड होते हैं।
रूसी तेल खरीद पर ट्रंप की नई धमकी और 500% टैरिफ लगाने वाले विधेयक से भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मचा हुआ है। शुक्रवार को लगातार 5वें दिन गिरावट आई और सेंसेक्स 605 अंक गिर गया। एक हफ्ते में ही सेंसेक्स 2.5% लुढक़ गया। जिससे निवेशकों के 15 लाख करोड़ रुपए डूब गए।
| तिथि | सेंसेक्स बंद स्तर (Closing Level) | गिरावट/बढ़त (अंकों में) |
| 2 जनवरी | 85,762 | -- |
| 5 जनवरी | 85,439 | -323 |
| 6 जनवरी | 85,063 | -376 |
| 7 जनवरी | 84,961 | -102 |
| 8 जनवरी | 84,181 | -780 |
| 9 जनवरी | 83,576 | -605 |
| कुल गिरावट | 2,186 अंक | (-2.5%) |
फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों ने भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि भारत जैसा देश किसी सुपरपावर देश के इशारे पर नहीं चलेगा। भारत किसी भी सैन्य या राजनीतिक गुट का हिस्सा बनने के बजाय अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलना पसंद करता है।
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संधियों को सीधे तौर पर खारिज करते हुए कहा कि उनकी शक्तियों पर एकमात्र लगाम उनकी 'अपनी नैतिकता' और उनका 'अपना दिमाग' है। न्यूयॉर्क टाइम्स को इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मुझे अंतरराष्ट्रीय कानून की जरूरत नहीं है। उन्हें केवल उनकी अपनी सोच ही रोक सकती है, वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते।
Published on:
10 Jan 2026 03:45 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
