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चीन के लिए जासूसी के आरोप में भारतीय मूल के अमेरिकी एक्सपर्ट को FBI ने किया गिरफ्तार

भारतीय मूल के प्रमुख अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञ एश्ले टेलिस को चीन के साथ कथित गुप्त संबंधों और गोपनीय राष्ट्रीय सुरक्षा दस्तावेजों को अवैध रूप से रखने के आरोप में FBI ने गिरफ्तार कर लिया है।

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भारत

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Devika Chatraj

Oct 15, 2025

ashley tellis

अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञ एश्ले टेलिस (X)

अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने चीन के साथ कथित गुप्त संबंधों और गोपनीय राष्ट्रीय सुरक्षा दस्तावेजों को अवैध रूप से रखने के आरोप में भारतीय मूल के प्रमुख अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञ एश्ले टेलिस (Ashley Tellis) को गिरफ्तार कर लिया है। 64 वर्षीय टेलिस, जो अमेरिका-भारत-चीन नीति के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध नाम हैं, पर गंभीर आरोप लगे हैं, जो अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

चीन के साथ गुप्त संबंधों के आरोप

एफबीआई की एक शिकायत के अनुसार, टेलिस ने 2022 से 2025 के बीच चीनी सरकारी अधिकारियों के साथ कई गुप्त बैठकें कीं। इनमें से एक बैठक 15 सितंबर 2025 को वर्जीनिया के फेयरफैक्स में एक रेस्तरां में हुई, जहां टेलिस एक मनीला लिफाफा लेकर पहुंचे लेकिन जाते समय वह गायब था। एक अन्य बैठक अप्रैल 2023 में वाशिंगटन डीसी उपनगरीय क्षेत्र में हुई, जहां चीनी अधिकारियों के साथ ईरान-चीन संबंधों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई तकनीकों पर चर्चा सुनी गई।

FBI की छापेमारी

टेलिस पर अमेरिकी वायु सेना की रणनीतियों, सैन्य विमानों की क्षमताओं और अन्य संवेदनशील जानकारी से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों को अवैध रूप से अपने वर्जीनिया स्थित घर में रखने का भी आरोप है। 11 अक्टूबर 2025 को एफबीआई ने उनके आवास पर छापा मारा, जहां लॉक वाले फाइलिंग कैबिनेट, बेसमेंट कार्यालय के डेस्क और यहां तक कि कचरा बैगों में 1,000 से अधिक पेज के 'टॉप सीक्रेट' और 'सीक्रेट' दस्तावेज बरामद हुए। जांच एजेंसी के अनुसार, टेलिस ने सितंबर-अक्टूबर 2025 में रक्षा और विदेश विभाग की इमारतों में प्रवेश कर इन दस्तावेजों को प्रिंट किया और चमड़े के बैग में लेकर बाहर निकले।

मुंबई से की एजुकेशन

मुंबई में जन्मे टेलिस ने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया, उसके बाद शिकागो विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीएचडी प्राप्त की। वे पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में विशेष सहायक रह चुके हैं और वर्तमान में राज्य विभाग के लिए बिना वेतन वाले सलाहकार तथा पेंटागन के कार्यालय ऑफ नेट असेसमेंट के ठेकेदार हैं। वे दक्षिण एशिया, भारत-अमेरिका संबंधों और चीन नीति पर अमेरिकी प्रशासनों को सलाह देते रहे हैं और वाशिंगटन, नई दिल्ली तथा बीजिंग में उनके लेखों और विश्लेषणों का सम्मान किया जाता रहा है।

दोषी साबित होने पर सजा

दोषी साबित होने पर टेलिस को अधिकतम 10 वर्ष की कैद, 2.5 लाख डॉलर का जुर्माना और अन्य सजाएं हो सकती हैं। टेलिस ने छापे के दौरान सहयोग किया, अपना लैपटॉप अनलॉक किया और चाबियां प्रदान कीं, लेकिन जांच जारी है। यह मामला अमेरिका-चीन तनाव के बीच आया है, जहां जासूसी और गोपनीय जानकारी लीक के आरोप बढ़ रहे हैं।