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इंडोनेशिया में ठंडे लावे की बाढ़ से मरने वालों की संख्या हुई 67

इंडोनेशिया में ठंडे लावा से आई बाढ़ की वजह से पश्चिमी सुमात्रा में हाहाकार मच गया। साथ ही इस वजह से मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है।

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Indonesia cold lava flash floods causes destruction

Indonesia cold lava flash floods causes destruction

इंडोनेशिया (Indonesia) के पश्चिमी सुमात्रा (Western Sumatra) में शनिवार की रात आई बाढ़ से हाहाकार मच गया। यह बाढ़ कोई सामान्य बाढ़ नहीं थी, बल्कि ठंडे लावा (Cold Lava) की बाढ़ थी। ऐसे में मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि ठंडा लावा आया कहाँ से और इसकी बाढ़ कैसी होती है? ठंडा लावा इंडोनेशिया में सक्रिय ज्वालामुखी माउंट मेरापी (Mount Merapi) से बहकर आया जिसकी वजह से यह बाढ़ आई थी। यह सामान्य बाढ़ से अलग होती है और इसमें ठंडे लावे के साथ बाढ़ का पानी, कीचड़, बारिश का पानी, सभी मिला-जुला होता है। इस वजह से ही इससे प्रभावित क्षेत्र में तबाही मच गई।

मरने वालों की संख्या हुई 67

ठंडे लावा की आई बाढ़ से अब तक पश्चिमी सुमात्रा में मरने वालों की संख्या 67 हो गई है। मरने वाले लोगों की आंकड़े में अभी भी इजाफे की आशंका जताई जा रही है।


कई लोग घायल, 20 अभी भी लोग लापता

पश्चिमी सुमात्रा में आई ठंडे लावे की बाढ़ की वजह से कई लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं 20 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।

बाढ़ से हुआ काफी नुकसान

ठंडे लावे की बाढ़ ने पश्चिमी सुमात्रा में कहर बरपा दिया है। जान के साथ ही माल का भी नुकसान हुआ है। इस बाढ़ की वजह से करीब 250 घर तबाह हो गए हैं। साथ ही करीब 225 हैक्टेयर ज़मीन भी इस वजह से खराब हो गई है। खराब हुई ज़मीन में चावल के खेत भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, कई सड़कें और बांधों को भी नुकसान पहुंचा है।

3 हज़ार से ज़्यादा लोगों को पहुंचाया सुरक्षित स्थानों पर

पश्चिमी सुमात्रा में ठंडे लावा की आई बाढ़ से बचाने के लिए 3 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी, खतरा अभी टला नहीं

पश्चिमी सुमात्रा में फिलहाल तो बाढ़ रुक गई है, लेकिन इंडोनेशिया के मौसम विभाग के अनुसार कुछ दिन में पश्चिमी सुमात्रा में तेज़ बारिश होने की संभावना है। ऐसे में बाढ़, लैंडस्लाइड जैसी समस्याएं फिर पैदा हो सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने और पहाड़ों, समुद्रों और नदियों से दूर रहने के लिए कहा है।

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