
UAE के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली और विदेश मंत्री एस जयशंकर(Photo- IANS)
Iran and the US-Israel Conflict: ईरान और US-इजरायल के बीच शुरू हुई जंग को एक महीने का समय बीत चुका है। ईरान और US-इजरायल संघर्ष की वजह से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। फिलहाल, इस जंग के खत्म होने की संभावना नहीं दिख रही है। हालांकि, भारत समेत कई देश जंग को खत्म करने की अपील कर रहे हैं। ऐसे माहौल में UAE ने भारत की जमकर तारीफ की है।
UAE के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने कहा कि भारत ने UN सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 में अपना नाम दिया और 135 देशों के साथ मिलकर इसे को-स्पॉन्सर किया। यह प्रस्ताव एक मजबूत संदेश देता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय देश की संप्रभुता पर हमलों या आम लोगों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझकर टारगेट करने को बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत एक बड़ी ताकत है, जिसके पूरे पश्चिम एशिया में गहरे संबंध हैं। भारत की आवाज का वजन इसकी मजबूत और कंस्ट्रक्टिव डिप्लोमैटिक परंपरा की क्रेडिबिलिटी के जरिए है। एशिया में भारत की स्थिति काफी मजबूत है।
UAE के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने न्यूज एजेंसी IANS से संयुक्त अरब अमीरात समेत मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर खुलकर बात की। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सुरक्षा चिंताओं के सवाल पर UAE के राजदूत ने कहा- ईरान ने UAE और उसके पड़ोसियों पर लगातार आतंकवादी हमले किए हैं। 29 मार्च तक UAE को 414 बैलिस्टिक मिसाइलों, 15 क्रूज मिसाइलों और 1,914 ड्रोनों ने निशाना बनाया है।
ईरान-इजरायल युद्ध की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करते हुए UAE ने भारत की जमकर तारीफ की। युद्ध रोकने लिए भारत की मध्यस्थता के बारे में पूछे गए सवाल पर UAE के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने कहा- इस संकट में भारत की भूमिका की पहले ही बहुत तारीफ हो चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन पहले वर्ल्ड लीडर्स में से थे, जिन्होंने हमले शुरू होने के बाद UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को फोन किया था। उस कॉल को भाईचारे के तौर पर लिया गया और यह दो नेताओं के बीच पर्सनल बॉन्ड की झलक थी।
अब्दुलनासिर अलशाली ने कहा कि तनाव के समय में खास तौर पर परेशान करने वाली बात है कि ये हमले ईरान के साथ लड़ाई में शामिल देशों पर नहीं, बल्कि उसके पड़ोसियों पर किए गए हैं। संघर्ष के समय ये हमले उन देशों पर हुए, जो शुरुआत से लड़ाई रोकने की कोशिश कर रहे थे। ईरान-इजरायल जंग की शुरुआत से ही UAE और GCC देशों ने मिलिट्री टकराव को रोकने के लिए हर लेवल पर और हर मौजूद चैनल से काफी कोशिश की।
UAE के राजदूत ने दावा किया कि हम स्पष्ट थे कि हमारे इलाके का इस्तेमाल ईरान पर हमले करने के लिए नहीं किया जाएगा। हमने संयम और जिम्मेदारी से काम किया। हम इस झगड़े में शामिल नहीं थे, बल्कि, हम उन लोगों में से थे जो बातचीत और तनाव कम करने की अपील कर रहे थे। फिर भी, ईरान ने इन भरोसे को नजरअंदाज किया। ईरान ने उन देशों को निशाना बनाया, जो जो टकराव को रोकने के लिए सबसे ज्यादा मेहनत कर रहे थे।
Published on:
30 Mar 2026 07:46 pm
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