
अमेरिका और इजरायल से जुड़े ठिकानों पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की तस्वीरें (फोटो: ईरानी सरकारी मीडिया)
Iran Attack on US: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े ठिकानों पर अब तक के सबसे बड़े हमले का दावा किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, ‘ऑपरेशन 82’ के तहत मिसाइलों और ड्रोन की मदद से बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की गई है। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, यह हमला गुरुवार तड़के शुरू हुआ और पूरे दिन जारी रहने की बात कही गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने पिछले 24 घंटों में कुल 230 ऑपरेशनों का दावा किया है, जिन्हें अब तक का सबसे व्यापक अभियान बताया गया है। इन हमलों में सऊदी अरब के अल-खारज और अरिफजान क्षेत्रों के अलावा बहरीन के शेख ईसा क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
ईरान का दावा है कि हमलों में अमेरिकी डिफेंस लॉजिस्टिक्स साइट, पैट्रियट रडार सिस्टम और सैन्य सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। साथ ही, बड़ी संख्या में कामिकेज़ ड्रोन के जरिए अमेरिकी सेना के फ्यूल डिपो को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा, अली अल-सालेम एयरबेस पर MQ-9 रीपर ड्रोन और P-8 सर्विलांस एयरक्राफ्ट के हैंगर के साथ-साथ ड्रोन कम्युनिकेशन सिस्टम को भी टारगेट किए जाने का दावा किया गया है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, इस ऑपरेशन में ईरान के सहयोगी समूहों ने भी हिस्सा लिया है। आंकड़ों के मुताबिक, लेबनान के हिजबुल्लाह ने 87, इराकी रेजिस्टेंस ने 23 और ईरानी सेना ने 110 मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
IRGC ने यह भी दावा किया कि, ईरान के अनुसार 'कब्जे वाले क्षेत्रों' में एक सैन्य कमांड सेंटर और डेड सी के पास इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। कुछ वीडियो फुटेज में हमलों के प्रभाव दिखने का दावा किया गया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान ने इन हमलों को हालिया सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में बताया है और कहा है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक आक्रामक ताकतों का प्रभाव क्षेत्र से खत्म नहीं हो जाता है। IRGC के अनुसार, यह कार्रवाई क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
इन दावों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका है। अमेरिका और इजरायल की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो क्षेत्र में संघर्ष और गहरा सकता है।
Published on:
26 Mar 2026 06:03 pm
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