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ईरान ने भारत को बताया अपना खास दोस्त, भारतीय जहाजों से नहीं लिया टोल

Hormuz Toll Indian Ships: ईरान ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से कोई टोल नहीं लिया गया। भारत को खास दोस्त बताते हुए ईरान ने अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ा बयान दिया।

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भारत

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Rahul Yadav

Apr 13, 2026

Iran Denies Toll on Indian Ships Hormuz

Iran Denies Toll on Indian Ships Hormuz

Iran Denies Toll on Indian Ships Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत को लेकर तेहरान का बड़ा बयान सामने आया है। ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से किसी भी तरह का टोल नहीं लिया गया है। साथ ही, ईरान ने भारत को अपने पांच खास मित्र देशों में शामिल बताते हुए दोनों देशों के मजबूत संबंधों पर जोर दिया है।

भारत-ईरान रिश्तों पर जोर

तेहरान और नई दिल्ली के बीच जारी कूटनीतिक संवाद का हवाला देते हुए ईरान ने कहा कि दोनों देशों के संबंध भरोसे और सहयोग पर आधारित हैं। ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच हाल में हुई दो टेलीफोन वार्ताओं का भी जिक्र किया। इसके अलावा दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच भी चार से पांच बार बातचीत हो चुकी है।

टोल वसूली के दावों का खंडन

नई दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय टैंकरों ने ईरान को कोई टोल नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ''इस मुश्किल समय में हमारे संबंध अच्छे हैं। भारत उन पांच देशों में शामिल है जो हमारे सच्चे दोस्त हैं।''

दरअसल, कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारतीय जहाजों से टोल वसूला जा रहा है, जिसे भारत सरकार पहले ही खारिज कर चुकी थी। अब ईरान के आधिकारिक बयान ने भी इन अटकलों को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच बयान

ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने क्षेत्र में नाकेबंदी की तैयारी तेज कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं। इसके जवाब में ईरान ने फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बंदरगाहों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

ईरानी मीडिया के अनुसार, ''इस क्षेत्र में सुरक्षा या तो सभी के लिए होगी या किसी के लिए भी नहीं।'' ईरानी सेना ने भी संकेत दिया है कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहेगा।

क्षेत्रीय दावे और अमेरिका पर तंज

ईरान ने यह भी दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य उसके क्षेत्रीय जल का हिस्सा है, जिस पर उसका नियंत्रण है। ईरानी राजदूत ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यह तभी संभव है जब वाशिंगटन कोई अवैध मांग न रखे।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली वार्ताओं के दौरान अमेरिकी पक्ष ने ऐसी शर्तें रखीं, जिनके कारण बातचीत बेनतीजा रही।

वैश्विक असर की आशंका

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव सीधे तौर पर तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर सकता है।