
Executions in Iran
ईरान (Iran) में सामान्य कानून नहीं, बल्कि शरिया कानून चलता है। यह बात जगजाहिर है कि शरिया कानून के तहत काफी सख्ती बरती जाती है। ऐसे में ईरान की सरकार अपनी मन-मर्जी से शासन चलाती है। शरिया कानून के अनुसार अपराध करने वाले लोगों को सख्त सज़ा देने का प्रावधान है। यूं तो अब ज़्यादातर देशों में सज़ा-ए-मौत का प्रावधान नहीं है, लेकिन कुछ देशों में अभी भी मौत की सज़ा का चलन है और ईरान ऐसे ही देशों में से एक है। अपराधियों को सज़ा-ए-मौत देने के मामले में ईरान दुनिया में दूसरे नंबर पर है। जहाँ ज़्यादातर देशों में आजकल मौत की सज़ा बहुत की कम मामलों में दी जाती है, ईरान में इस तरह के कई मामले देखे जाते हैं। अब 2024 के आंकड़े सामने आ गए हैं और पिछले साल सज़ा-ए-मौत के रिकॉर्ड मामले देखने को मिले हैं।
हाल ही में आए आंकड़े के अनुसार ईरान में 2024 में 975 लोगों को सज़ा-ए-मौत दी गई। यह आंकड़ा ईरान ह्यूमन राइट्स (Iran Human Rights) और फ्रांस (France) की संस्था टुगेदर अगेंस्ट द डेथ पेनल्टी (Together Against The Death Penalty) ने जारी किया है।
ईरान में 2024 में सज़ा-ए-मौत के 975 मामले एक रिकॉर्ड आंकड़ा है। 2008 के बाद से ईरान में मौत की सज़ा के ये सबसे ज़्यादा मामले हैं। 2023 में ईरान में 834 लोगों को मौत की सज़ा दी गई थी। ऐसे में 2023 की तुलना में 2024 में सज़ा-ए-मौत के मामलों में करीब 17% इजाफा हुआ है।
ईरान में जेल में तो सज़ा-ए-मौत दी ही जाती है, पर खुले में भी यह काम किया जाता है। इसके लिए भीड़ के सामने अपराधियों को मौत के घाट उतार दिया जाता है।
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Updated on:
20 Feb 2025 11:06 am
Published on:
20 Feb 2025 11:04 am
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