
इजरायल के केमिकल प्लांट पर दागी मिसाइल (फोटो- Contact Lines एक्स पोस्ट)
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल के दिनों में मिसाइल हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में रविवार को दक्षिणी इजरायल के एक औद्योगिक क्षेत्र में बड़ा हादसा हुआ है। यहां ईरान द्वारा दागी गई एक मिसाइल का टुकड़ा एक केमिकल फैक्ट्री से टकरा गया जिसके बाद भीषण आग लग गई। जानकारी के यह हादसा कीटनाशक कंपनी अडामा के मख्तेशिम प्लांट में हुआ था। यहां ईरानी मिसाइल या इंटरसेप्टेड मिसाइल का मलबा गिरने से भारी धमाका हुआ और फिर आग लग गई। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर अभी सामने नहीं आई है।
दक्षिणी इजरायल के नेओत होवाव इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित इस प्लांट में धमाके के बाद आग लग गई। इजरायल की फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के अनुसार यह आग ईरानी मिसाइल के इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे के कारण लगी है। इलाके में कई केमिकल और इंडस्ट्रियल यूनिट्स मौजूद हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती थी। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत लोगों को इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी।
घटना के तुरंत बाद दमकल विभाग की 34 टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का काम शुरू किया। घटना के दौरान सामने आए वीडियो में तेज आग की लपटें और काले धुएं का गुबार दिखाई दिया। आग के चलते एक इमारत पूरी तरह नष्ट हो गई, लेकिन समय रहते आग को फैलने से रोक लिया गया। अधिकारियों के अनुसार स्थिति अब नियंत्रण में है और कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि दोबारा आग न भड़के।
इजरायली सेना ने पुष्टि की कि रविवार को ईरान की ओर से कई चरणों में मिसाइलें दागी गईं। हालांकि अधिकतर मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन कुछ मलबा जमीन पर गिरा जिससे यह घटना हुई। इससे पहले भी दक्षिणी शहर अराद और डिमोना पर मिसाइल हमले हुए थे, जिनमें कई लोग घायल हुए थे। बता दें कि नेओत होवाव क्षेत्र सामरिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह बीयर शेवा शहर से करीब 13 किलोमीटर दूर है और आसपास कई सैन्य ठिकाने भी मौजूद हैं। इस कारण यहां किसी भी हमले को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में देखा जाता है।
अडामा कंपनी, जो चीन की सिनजेंटा ग्रुप का हिस्सा है, ने कहा कि प्लांट को कितना नुकसान हुआ है इसका आकलन अभी किया जा रहा है। चूंकि यह केमिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, इसलिए यहां खतरनाक पदार्थों की मौजूदगी को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित दूरी से बाहर आम जनता को कोई खतरा नहीं है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां और विशेषज्ञ टीम इस बात की जांच कर रही हैं कि नुकसान सीधे मिसाइल हमले के कारण हुआ है या फिर इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और उसके नागरिक ढांचे पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर किया है।
Published on:
30 Mar 2026 11:50 am
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