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US-Israel vs Iran: ‘भारत से रूसी कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा अमेरिका..’, ईरान के विदेश मंत्री का बड़ा बयान

Russia oil sanctions debate: रूस के तेल को लेकर अमेरिका पर बरसे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची। कहा-पहले भारत पर दबाव, अब वही देशों से रूसी क्रूड खरीदने की अपील कर रहा है।

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Abbas Araghchi and donald trump

ईरान ने अमेरिका पर रूस के तेल को लेकर दबाव और दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है, साथ ही उसने भारत के साथ अपनी दोस्ती दोहराई है। (Photo - IANS)

Abbas Araghchi Statement on Russia oil: ईरान पर अमेरिका और इजरायल हमले के बाद दुनिया में ऊर्जा संकट बढ़ा है। ऐसे में अब ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रूसी कच्चे तेल को लेकर अमेरिका को घेरा है। उन्होंने अमेरिका और ट्रंप प्रशासन पर तंज कसते हुए दावा किया कि वॉशिंगटन अब भारत सहित दुनिया के कई देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने की 'भीख मांग रहा' है, जबकि पहले वह ऐसे आयात को रोकने के लिए दबाव बना रहा था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अराघची ने कहा, 'अमेरिका ने कई महीनों तक भारत को रूस से तेल आयात बंद करने के लिए धमकाया। लेकिन ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्ध के बाद अब व्हाइट हाउस दुनिया से, जिसमें भारत भी शामिल है, रूसी कच्चा तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है।'

ईरानी विदेश मंत्री यही नहीं रुके, उन्होंने यूरोपीय देशों की भी जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि यूरोप ने ईरान के खिलाफ गैरकानूनी जंग का समर्थन किया और बदले में रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिलने की उम्मीद की। उन्होंने कहा, 'यूरोप ने सोचा कि ईरान के खिलाफ अवैध युद्ध का समर्थन करने से उसे रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिल जाएगा। यह बेहद दयनीय है।'

भारतीय जहाजों को ईरान ने दी अनुमति

उधर, एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बावजूद भारत के झंडे वाले दो एलपीजी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है। रिपोर्ट में यह भी बताया कि सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर आ रहा एक टैंकर 1 मार्च के आसपास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के बाद शनिवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है।

'भारत और ईरान दोस्त'

इससे पहले भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने पुष्टि की थी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद ईरान भारत जाने वाले जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा। उन्होंने इसके पीछे दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और साझा हितों को कारण बताया।

इस संबंध में एक सवाल के जवाब में फतहाली ने कहा था, 'हां, क्योंकि भारत और ईरान दोस्त हैं। आप भविष्य देख सकते हैं। हमें विश्वास है कि भारत और ईरान दोस्त हैं। हमारे साझा हित हैं और हमारा साझा भाग्य है।'

उन्होंने दोनों देशों की पारस्परिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा, 'भारत के लोगों का दुख हमारा दुख है और हमारा दुख उनका। इसी कारण भारत सरकार हमारी मदद करती है और हमें भी भारत सरकार की मदद करनी चाहिए, क्योंकि हमारा भाग्य और हित साझा हैं।'